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चित्रकूट ः आतिशबाजी से बढ़ेगा वायु प्रदूषण
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Chitrakoot: Fireworks will increase air pollution
- फोटो : CHITRAKUTT
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकू ट। एक ओर जहां लोग कोरोना की मार लोग झेल रहे हैं वही दीपावली का पर्व अब नजदीक है। त्यौहार पर आतिशबाजी से वायु प्रदूषण बढ़ेगा। जिसका स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक धुंआ व आवाज वाले पटाखों की जगह रोशनी वाले पटाखे फोड़कर रश्म अदाकर बेहतर होगा। अधिक कार्बन वाली बारूद का प्रयोग न करें।
ठंड की शुरूआत होते ही वायु प्रदूषण की मात्रा बढ़ने लगी है। कुछ दिनों बाद दीपावली का पर्व है। जिससे शहर सहित कस्बों में पटाखे की दुकानें जगह- जगह सजने लगी है। दीपावली पर्व में जमकर आतिशबाजी होगी। कई ऐसे पटाखे है जो पर्यावरण को काफी नुकसान फैलाते है। इस बार भी बेचे जा रहे जिससे आशंका है कि वायु प्रदूषण और अधिक बढ़ जाएगा। जिससे दमा के मरीजों को परेशानी होगी।
पर्यावरण क ो नुकसान पहुंचाते हैं पटाखे
चित्रकूट। पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजन मिश्रा ने बताया कि पटाखे से वायु प्रदूषण अधिक बढ़ जाता है। जो पर्यावरण के लिए खतरा बन रहा है। प्रदूषण न फैले इसके लिए ऐसे पटाखे छोड़े जो वायु प्रदूषण को नुकसान न पहुंचाए। बताया कि चित्रकूट जिले में वायु प्रदूषण का एक्यूआई 155 है। जो दीपावली में पटाखे छोड़ने पर 162 तक पहुंच जाता है।
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पटाखों से स्वास्थ्य होता खराब
चित्रकूट। जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डा. विनोद कुमार ने बताया कि पटाखे से स्वास्थ्य पर अधिक असर पड़ता है। जिसमें ऊंची आवाज वाले पटाखे के कारण कान का पर्दा फट जाता है। जिससे सुनाई नहीं देता। साथ सांस नली में सूजन आ जाती है। जिससे सांस लेने पर समस्या रहती है। अधिक पटाखे छोड़ने वाले चिड़चिडे़ हो जाते हैं।
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चित्रकू ट। एक ओर जहां लोग कोरोना की मार लोग झेल रहे हैं वही दीपावली का पर्व अब नजदीक है। त्यौहार पर आतिशबाजी से वायु प्रदूषण बढ़ेगा। जिसका स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक धुंआ व आवाज वाले पटाखों की जगह रोशनी वाले पटाखे फोड़कर रश्म अदाकर बेहतर होगा। अधिक कार्बन वाली बारूद का प्रयोग न करें।
ठंड की शुरूआत होते ही वायु प्रदूषण की मात्रा बढ़ने लगी है। कुछ दिनों बाद दीपावली का पर्व है। जिससे शहर सहित कस्बों में पटाखे की दुकानें जगह- जगह सजने लगी है। दीपावली पर्व में जमकर आतिशबाजी होगी। कई ऐसे पटाखे है जो पर्यावरण को काफी नुकसान फैलाते है। इस बार भी बेचे जा रहे जिससे आशंका है कि वायु प्रदूषण और अधिक बढ़ जाएगा। जिससे दमा के मरीजों को परेशानी होगी।
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पर्यावरण क ो नुकसान पहुंचाते हैं पटाखे
चित्रकूट। पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजन मिश्रा ने बताया कि पटाखे से वायु प्रदूषण अधिक बढ़ जाता है। जो पर्यावरण के लिए खतरा बन रहा है। प्रदूषण न फैले इसके लिए ऐसे पटाखे छोड़े जो वायु प्रदूषण को नुकसान न पहुंचाए। बताया कि चित्रकूट जिले में वायु प्रदूषण का एक्यूआई 155 है। जो दीपावली में पटाखे छोड़ने पर 162 तक पहुंच जाता है।
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पटाखों से स्वास्थ्य होता खराब
चित्रकूट। जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डा. विनोद कुमार ने बताया कि पटाखे से स्वास्थ्य पर अधिक असर पड़ता है। जिसमें ऊंची आवाज वाले पटाखे के कारण कान का पर्दा फट जाता है। जिससे सुनाई नहीं देता। साथ सांस नली में सूजन आ जाती है। जिससे सांस लेने पर समस्या रहती है। अधिक पटाखे छोड़ने वाले चिड़चिडे़ हो जाते हैं।