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जिले के 27 बच्चों को मिलेगा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ
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चित्रकूट। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ के लिए आय सीमा अब तीन लाख रुपये कर दी गई है। जिले में योजना के तहत 27 बच्चे चिन्हित हैं। इन सभी के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4 हजार रुपये प्रति माह भेजे जाएंगे।
गौरतलब है कि कोरोना काल मार्च 2020 से अबतक में अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक और शैक्षिक मदद पहुंचाकर उनका भविष्य संवारने के लिए यह योजना शुरू की गई है । जिला प्रोबेशन अधिकारी रामबाबू विश्वकर्मा ने बताया कि अब इस योजना के दायरे में ऐसे परिवारों के अनाथ हुए बच्चों को भी शामिल किया जाए जिनके परिवार की सालाना आय तीन लाख रुपये तक है। उन्होंने बताया कि जिले में इस प्रकार के 27 बच्चे चिन्हित किए गए हैं। इन सभी चिन्हित बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रुपये प्रतिमाह भेजे जाएंगे ।
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क्या है योजना
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि कोविड काल मार्च 2020 से अबतक में माता पिता या दोनों में से किसी एक को खोने वाले बच्चों के जीवन को संवारने के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गयी है। इस योजना का मूल उद्देश्य परेशान बच्चों को तत्काल मदद पहुंचाना और उनको गलत हाथों में जाने से बचाना है । इस योजना के तहत अनाथ हुए बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें शून्य से 18 साल के ऐसे बच्चे जिनके माता पिता में से किसी एक की मृत्यु कोविड काल में हो गयी है और वह परिवार के मुख्य कर्ता थे। वर्तमान में जीवित माता या पिता सहित परिवार की आय दो लाख रुपये प्रतिवर्ष से अधिक न हो को ही योजना में शामिल किया जायेगा। इस शर्त को अब परिवर्तित करके आय सीमा बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी गई है ।
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गौरतलब है कि कोरोना काल मार्च 2020 से अबतक में अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक और शैक्षिक मदद पहुंचाकर उनका भविष्य संवारने के लिए यह योजना शुरू की गई है । जिला प्रोबेशन अधिकारी रामबाबू विश्वकर्मा ने बताया कि अब इस योजना के दायरे में ऐसे परिवारों के अनाथ हुए बच्चों को भी शामिल किया जाए जिनके परिवार की सालाना आय तीन लाख रुपये तक है। उन्होंने बताया कि जिले में इस प्रकार के 27 बच्चे चिन्हित किए गए हैं। इन सभी चिन्हित बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रुपये प्रतिमाह भेजे जाएंगे ।
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क्या है योजना
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि कोविड काल मार्च 2020 से अबतक में माता पिता या दोनों में से किसी एक को खोने वाले बच्चों के जीवन को संवारने के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गयी है। इस योजना का मूल उद्देश्य परेशान बच्चों को तत्काल मदद पहुंचाना और उनको गलत हाथों में जाने से बचाना है । इस योजना के तहत अनाथ हुए बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें शून्य से 18 साल के ऐसे बच्चे जिनके माता पिता में से किसी एक की मृत्यु कोविड काल में हो गयी है और वह परिवार के मुख्य कर्ता थे। वर्तमान में जीवित माता या पिता सहित परिवार की आय दो लाख रुपये प्रतिवर्ष से अधिक न हो को ही योजना में शामिल किया जायेगा। इस शर्त को अब परिवर्तित करके आय सीमा बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी गई है ।
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