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कानपुर में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को एमपी बार्डर पर छोड़ा
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फोटो-3- कानपुर से आए छत्तीसगढ़ जाने के लिए चित्रकूट पहुंचे प्रवासी श्रमिकों को बस से रवाना करते नय?
- फोटो : CHITRAKUTT
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खोही। कानपुर शहर से छत्तीसगढ़ के 45 श्रमिकों को मप्र प्रदेश के बार्डर पर बसों से लाकर छोड़ दिया गया। जिनको मप्र के प्रशासनिक अधिकारियों ने बसों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लिए गुरुवार को भेजा गया।
यूपी के कानपुर शहर में छत्तीसगढ़ शहर के कुल 45 मजदूर फंसे थे। जिनको बसों के माध्यम से गुरुवार की सुबह जिले की सीमा मप्र नया गांव थाना अंतर्गत बार्डर पर छोड़ दिया। जिसमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल रहे। श्रमिकों को भोजन व पानी की व्यवस्था नगर पंचायत चित्रकूट के माध्यम से कराई गई।
सभी प्रवासी श्रमिकों को नायब तहसीलदार गणेश भृतार ने बसों की व्यवस्था कर छत्तीसगढ़ राज्य में जिस जिले के रहने वाले थे वहां के लिए भेजा गया। प्रवासी श्रमिक मीरा, बसंत, प्रेमिला ने बताया कि उन्नाव जिले में ईट भट्टे पर काम करते थे। किसी तरह से पैदल कानपुर तक पहुंचे। जहां से उन्हें रोडवेज बसों के माध्यम से यहां पर भेजा गया है।
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यूपी के कानपुर शहर में छत्तीसगढ़ शहर के कुल 45 मजदूर फंसे थे। जिनको बसों के माध्यम से गुरुवार की सुबह जिले की सीमा मप्र नया गांव थाना अंतर्गत बार्डर पर छोड़ दिया। जिसमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल रहे। श्रमिकों को भोजन व पानी की व्यवस्था नगर पंचायत चित्रकूट के माध्यम से कराई गई।
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सभी प्रवासी श्रमिकों को नायब तहसीलदार गणेश भृतार ने बसों की व्यवस्था कर छत्तीसगढ़ राज्य में जिस जिले के रहने वाले थे वहां के लिए भेजा गया। प्रवासी श्रमिक मीरा, बसंत, प्रेमिला ने बताया कि उन्नाव जिले में ईट भट्टे पर काम करते थे। किसी तरह से पैदल कानपुर तक पहुंचे। जहां से उन्हें रोडवेज बसों के माध्यम से यहां पर भेजा गया है।
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