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Chitrakoot News: गोशालाओं में मिली अव्यवस्था, सीडीओ ने जताई नाराजगी
Tue, 06 Jan 2026 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:03 AM IST
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चित्रकूट। मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल ने सोमवार को ब्लॉक मऊ की ग्राम पंचायत हटवा और रामनगर की ग्राम पंचायत देंउधा स्थित स्थाई गोआश्रय केंद्रों का जायजा लिया। इस दौरान हटवा की गोशाला में पशु आहार की कमी और गंदगी मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
विकासखंड मऊ के ग्राम हटवा स्थित गोआश्रय केंद्र में निरीक्षण के दौरान लगभग 172 गोवंश संरक्षित पाए गए। हालांकि, पशुओं के लिए केवल दो बोरी पशु आहार की उपलब्धता पाई गई, जो उनकी आवश्यकता के मुकाबले काफी कम है। इसके अतिरिक्त, गोशाला में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। ग्राम पंचायत अधिकारी ने बताया कि दो सोलर लाइटें लगाई जानी हैं, जिसका प्रस्ताव नेडा को भेजा गया है। सीडीओ ने मौके पर खराब जनरेटर को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए।
विकासखंड रामनगर की ग्राम पंचायत देंउधा स्थित गोआश्रय केंद्र का निरीक्षण करने पर वहां की व्यवस्थाएं काफी हद तक दुरुस्त पाई गईं। यहां 354 गोवंश संरक्षित मिले। इस केंद्र पर खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और छह केयरटेकर मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संरक्षित गोवंशों में से अधिकांश के कानों में टैग नहीं लगे थे। इस पर सीडीओ ने शत-प्रतिशत टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एक गोवंश के बीमार पाए जाने पर पशु चिकित्साधिकारी को उचित उपचार करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्साधिकारी आरएस गौतम, ग्राम पंचायत सचिव दुर्गेश नंदन पांडेय, बीडीओ राजेश कुमार तिवारी और ग्राम पंचायत सचिव ज्ञानेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
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विकासखंड मऊ के ग्राम हटवा स्थित गोआश्रय केंद्र में निरीक्षण के दौरान लगभग 172 गोवंश संरक्षित पाए गए। हालांकि, पशुओं के लिए केवल दो बोरी पशु आहार की उपलब्धता पाई गई, जो उनकी आवश्यकता के मुकाबले काफी कम है। इसके अतिरिक्त, गोशाला में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। ग्राम पंचायत अधिकारी ने बताया कि दो सोलर लाइटें लगाई जानी हैं, जिसका प्रस्ताव नेडा को भेजा गया है। सीडीओ ने मौके पर खराब जनरेटर को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए।
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विकासखंड रामनगर की ग्राम पंचायत देंउधा स्थित गोआश्रय केंद्र का निरीक्षण करने पर वहां की व्यवस्थाएं काफी हद तक दुरुस्त पाई गईं। यहां 354 गोवंश संरक्षित मिले। इस केंद्र पर खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और छह केयरटेकर मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संरक्षित गोवंशों में से अधिकांश के कानों में टैग नहीं लगे थे। इस पर सीडीओ ने शत-प्रतिशत टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एक गोवंश के बीमार पाए जाने पर पशु चिकित्साधिकारी को उचित उपचार करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्साधिकारी आरएस गौतम, ग्राम पंचायत सचिव दुर्गेश नंदन पांडेय, बीडीओ राजेश कुमार तिवारी और ग्राम पंचायत सचिव ज्ञानेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
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