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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की मिटटी ढुलान में कई अड़चन
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भरतकूप(चित्रकूट)। करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में लगी कंपनी के ठेकेदारों को मिट्टी ढुलान में कई अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। नियमानुसार इसमें निर्माण स्थल के आसपास के तालाबों की मिट्टी की खुदाई कराकर सड़क निर्माण में प्रयोग करना है लेकिन इसके लिए कई परेशानी हो रही है। जिससे काम की गति पर प्रभाव पड़ रहा है। ठेकेदार ने आसपास गांव के प्रधान व संबंधित लोगों पर सहयोग न करने का आरोप लगा रहे है।
भरतकूप के गोंडा से इटावा तक बन रहे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास शनिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। निर्माण कार्य में तेजी भी है लेकिन रविवार को गणपत राम कांट्रेक्ट बहराइच के ठेकेदार पोकरराम ने बताया कि कई प्रयास के बाद भी मिट्टी ढुलान की परेशानी कम नहीं हो रही है। इसके लिए वह सब मजबूरी में आसपास के किसानों के खेतों से रुपये देकर मिट्टी ले रहे हैं। नियमानुसार आसपास के गांव के तालाबों से मिट्टी लेने के प्रयास किए गए। जिससे तालाब का गहरीकरण भी होगा। कई गांव से सहयोग नहीं मिल रहा है।
ठेकेदार ने आरोप लगाया कि कुछ गांव के लोगों ने तो तालाब से भी मिटटी लेने पर रुपये की मांग करते हैं। जिससे वह परेशान होकर आसपास से ही रुपये देकर इंतजाम करते हैं। इस मामले में सदर एसडीएम एके पांडेय ने बताया कि यह महत्वपूर्ण काम है। इसके लिए सारे शासन के नियम का पालन किया जा रहा है। ठेकेदार को इसकी जानकारी जिला प्रशासन को लिखित रूप से देनी चाहिए। इसकी अनुमति भी ली जाती है। जल्द ही वह मौके पर जाकर पूरी जानकारी करेंगेे।
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भरतकूप के गोंडा से इटावा तक बन रहे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास शनिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। निर्माण कार्य में तेजी भी है लेकिन रविवार को गणपत राम कांट्रेक्ट बहराइच के ठेकेदार पोकरराम ने बताया कि कई प्रयास के बाद भी मिट्टी ढुलान की परेशानी कम नहीं हो रही है। इसके लिए वह सब मजबूरी में आसपास के किसानों के खेतों से रुपये देकर मिट्टी ले रहे हैं। नियमानुसार आसपास के गांव के तालाबों से मिट्टी लेने के प्रयास किए गए। जिससे तालाब का गहरीकरण भी होगा। कई गांव से सहयोग नहीं मिल रहा है।
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ठेकेदार ने आरोप लगाया कि कुछ गांव के लोगों ने तो तालाब से भी मिटटी लेने पर रुपये की मांग करते हैं। जिससे वह परेशान होकर आसपास से ही रुपये देकर इंतजाम करते हैं। इस मामले में सदर एसडीएम एके पांडेय ने बताया कि यह महत्वपूर्ण काम है। इसके लिए सारे शासन के नियम का पालन किया जा रहा है। ठेकेदार को इसकी जानकारी जिला प्रशासन को लिखित रूप से देनी चाहिए। इसकी अनुमति भी ली जाती है। जल्द ही वह मौके पर जाकर पूरी जानकारी करेंगेे।
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