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Chitrakoot News: बुंदेली संस्कृति प्राचीन व समृद्ध भारतीय परंपरा
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बांदा। राजकीय महिला महाविद्यालय में मंगलवार को झलकारी बाई कल्चरल क्लब के तहत व्याख्यान माला का आयोजन किया गया।
नटराज संगीत महाविद्यालय के प्रबंधक धनंजय सिंह ने बतौर मुख्य कहा कि बुंदेली संस्कृति अपने आप में एक प्राचीन व समृद्धि भारतीय परंपरा है। बुंदेली संस्कृति के अभिन्न अंग हैं यहां के लोक जीवन में प्रचलित कहावतें, लोकनृत्य, त्योहार व पहेलियां। प्राचार्य प्रो. दीपाली गुप्ता ने बुंदेली संस्कृति को धर्म निरपेक्षता की साझी विरासत कहा। उन्होंने कहा कि यह बुंदेलखंड के जीवन दर्शन और जीवन मूल्यों को दर्शाते हैं।
संचालन डॉ. ज्योति मिश्रा ने किया। इस मौके डॉ. विनय कुमार पटेल, डॉ. जयप्रकाश सिंह, प्रो. जितेंद्र कुमार, डॉ. सबीहा रहमानी आदि ने भी विचार रखे। व्याख्यान माला में डॉ. माया वर्मा, डॉ. सपना सिंह, डॉ. अंकिता तिवारी, डॉ. विनोद सिंह चंदेल, डॉ. मोहम्मद अफजल, डॉ. वीरेंद्र प्रताप चौरसिया, डॉ. रामनरेश पाल, डॉ. सचिन मिश्रा आदि उपस्थित रहे। (संवाद)
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नटराज संगीत महाविद्यालय के प्रबंधक धनंजय सिंह ने बतौर मुख्य कहा कि बुंदेली संस्कृति अपने आप में एक प्राचीन व समृद्धि भारतीय परंपरा है। बुंदेली संस्कृति के अभिन्न अंग हैं यहां के लोक जीवन में प्रचलित कहावतें, लोकनृत्य, त्योहार व पहेलियां। प्राचार्य प्रो. दीपाली गुप्ता ने बुंदेली संस्कृति को धर्म निरपेक्षता की साझी विरासत कहा। उन्होंने कहा कि यह बुंदेलखंड के जीवन दर्शन और जीवन मूल्यों को दर्शाते हैं।
संचालन डॉ. ज्योति मिश्रा ने किया। इस मौके डॉ. विनय कुमार पटेल, डॉ. जयप्रकाश सिंह, प्रो. जितेंद्र कुमार, डॉ. सबीहा रहमानी आदि ने भी विचार रखे। व्याख्यान माला में डॉ. माया वर्मा, डॉ. सपना सिंह, डॉ. अंकिता तिवारी, डॉ. विनोद सिंह चंदेल, डॉ. मोहम्मद अफजल, डॉ. वीरेंद्र प्रताप चौरसिया, डॉ. रामनरेश पाल, डॉ. सचिन मिश्रा आदि उपस्थित रहे। (संवाद)
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