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बुंदेलखंड की माटी को महान धरा का वैभव प्राप्त: रामभद्राचार्य
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चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय की ओर से बुंदेलखंड के इतिहास, संस्कृति एवं कला विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन हुआ। जेआरडीयू के आजीवन कुलाधिपति जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि बुंदेलखंड की माटी को महान धरा का वैभव प्राप्त है। महाकवि केशव दास ने रामचंद्रिका की रचना बुंदेलखंड में की थी। महाराज छत्रसाल की भूमि भी यही है। इसी धरती पर महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को धूल चटाई थी।
प्रथम तकनीकी सत्र में केबीएसयू बिहार के कुलपति प्रो. डीपी तिवारी व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष (इतिहास) प्रो. जेएन पांडेय ने कहा कि बुंदेलखंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के विभागाध्यक्ष (इतिहास)प्रो. अवनीश चंद्र मिश्रा ने बुंदेलखंड के पुरातात्विक महत्व को बताया। मूर्ति तस्करी पर भी प्रकाश डाला।
द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रो.डीपी दुबे ने चित्रकूट के सांस्कृतिक विरासत के अनछुए पहलुओं के बारे में बताया। कुलपति प्रोफेसर योगेश चंद्र दुबे ने बुंदेलखंड को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विकसित करने के सुझाव दिए। डॉ. विनोद कुमार मिश्रा ,डॉ. महेंद्र कुमार उपाध्याय ,डॉ. प्रतिमा शुक्ला,डॉ. आनंद कुमार, डॉ. निहार रंजन मिश्रा, पीआरओ एसपी मिश्रा, विशेष दुबे, डॉ. रजनीश सिंह, डॉ. शांत चतुर्वेदी, डॉ. प्रमिला मिश्रा, डॉ. रीना पांडेय, डॉ. तृप्ति रस्तोगी, डॉ. सुनीता श्रीवास्तव, डॉ. भविष्या माथुर सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
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प्रथम तकनीकी सत्र में केबीएसयू बिहार के कुलपति प्रो. डीपी तिवारी व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष (इतिहास) प्रो. जेएन पांडेय ने कहा कि बुंदेलखंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के विभागाध्यक्ष (इतिहास)प्रो. अवनीश चंद्र मिश्रा ने बुंदेलखंड के पुरातात्विक महत्व को बताया। मूर्ति तस्करी पर भी प्रकाश डाला।
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द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रो.डीपी दुबे ने चित्रकूट के सांस्कृतिक विरासत के अनछुए पहलुओं के बारे में बताया। कुलपति प्रोफेसर योगेश चंद्र दुबे ने बुंदेलखंड को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विकसित करने के सुझाव दिए। डॉ. विनोद कुमार मिश्रा ,डॉ. महेंद्र कुमार उपाध्याय ,डॉ. प्रतिमा शुक्ला,डॉ. आनंद कुमार, डॉ. निहार रंजन मिश्रा, पीआरओ एसपी मिश्रा, विशेष दुबे, डॉ. रजनीश सिंह, डॉ. शांत चतुर्वेदी, डॉ. प्रमिला मिश्रा, डॉ. रीना पांडेय, डॉ. तृप्ति रस्तोगी, डॉ. सुनीता श्रीवास्तव, डॉ. भविष्या माथुर सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
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