फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Bhagwat Dham release the religion in the city of

धर्म की नगरी में भागवत धाम का लोकापर्ण

Fri, 25 Dec 2015 10:52 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, चित्रकूट
ब्यूरो अमर उजाला, चित्रकूट Updated Fri, 25 Dec 2015 10:52 PM IST
विज्ञापन
Bhagwat Dham release the religion in the city of

तीर्थ क्षेत्र में शुक्रवार को भागवत धाम का लोकापर्ण

विज्ञापन
हुआ। इसमें 108 कुंडीय महायज्ञ और भागवत कथा की शुरुआत हुई। मध्य प्रदेश शासन के खनिज और ऊर्जा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि तीर्थ क्षेत्र का विकास सरकार की प्राथमिकता में है।


तीर्थ क्षेत्र में शुक्रवार को श्री श्री 1008 संकर्षण प्रपन्न रामानुजाचार्य महाराज के द्वारा इसका निर्माण करवाया गया है। इस दौरान 51 कुंडीय महायज्ञ और भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कामतानाथ मंदिर प्रमुख द्वार से धर्म नगरी होती हुई शोभा यात्रा निकाली गई।


इसमें देश के कई प्रांतों के श्रद्धालु शामिल हुए। इस मौके पर भींड से आए कलाकारों ने मध्य प्रदेश का लोक नृत्य किया। ड्रोन के द्वारा हुई पुष्प वर्षा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।



श्री श्री 108 युवराज स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने बताया कि दोपहर दो बजे से पांच बजे तक भागवत कथा का रसपान कराया जाएगा। नौ जनवरी को विशाल भंडारे का आयोजन होगा।



 गायत्री शक्ति पीठ के डा. रामनारायण शास्त्री के दिशा निर्देशन में कलश यात्रा भी निकाली गई। इस मौके पर सतना महापौर, नगर पंचायत चैयरमैन प्राची चतुर्वेदी, गोपाल शास्त्री, ज्ञानदास महाराज, निलांशु चतुर्वेदी, रामजड़ेले, पीएन मिश्रा, भालेंदुसिंह, राजन गोयल, संजीव नैयर, सोम महाराज आदि मौजूद रहे।


 तीर्थ क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को अब पूरी भागवत कथा भागवत धाम में संगमरमर के पत्थरों पर लिखी हुई पढ़ने को मिलेगी। भागवत कथा के चित्रण की विद्युत चलित मूर्तियां भी यहां देखने को मिलेगी।


तीर्थ क्षेत्र में हनुमान धारा के पास विशाल भागवत धाम बनकर तैयार हुआ है। यह आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक नया दर्शनीय स्थल होगा। इसको बनने में लगभग सात साल का समय लगा है।


 शुक्रवार को इसका लोकार्पण किया गया। संगमरमर के पत्थरों पर 18 हजार श्लोकों में भागवत लिखी गई है। इसके साथ ही भागवत के चित्रण की विद्युत चलित मूर्तियां लगाई गई है।



पत्थरों पर भागवत के श्लोक लिखने का यह कार्य जयपुर, राजस्थान के कुशल कारीगरों ने किया है। काम के वक्त दो पंडित इन कारीगरों को श्लोक लिखवाने में मदद करते थे।



भागवत कथा के श्लोकों के पत्थरों को पंडितों के निर्देशन में क्रम से लगाया गया हैं। आचार्य आश्रम के श्री श्री 1008 संकर्षण प्रपन्न रामानुजाचार्य महाराज के द्वारा इसका निर्माण किया गया है।



उनके शिष्य युवराज स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने बताया कि भागवत लिखी किताबें दिन प्रतिदिन पुरानी हो रही हैं। ऐसे में गुरुजी ने अपनी पौराणिक भागवत कथा कि पुस्तक से इसे संगमरमर के पत्थरों उकेरा है। इससे यह भविष्य में किताबेें पुरानी हो जाने पर भी भागवत के यह श्लोक हमेशा जीवंत रहेगें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed