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Chitrakoot News: 39 गांवों के 70 हजार लोगों को पानी नहीं

Thu, 22 Oct 2026 11:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:56 PM IST
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70,000 people across 39 villages are without water
फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद
- मोटर फुंकने से बरगढ़ पेयजल योजना हुई प्रभावित
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- टोटियां सूखीं, पानी के लिए परेशान हो रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ (चित्रकूट)। इंटकवेल की मोटर फुंकने से 39 गांवों के करीब 70 हजार लोगों को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को लेकर बाल्टी, डिब्बे, ड्रम, केन, बोतलें लेकर हैंडपाइप पर लाइन लगाए नजर आए। कई हैंडपंप भी खराब हैं, जिसकी वजह से मोहल्ले के लोगों को टैंकर मंगवाने पड़े।
जल जीवन मिशन के तहत 2012 से चल रही इस योजना से 9265 घरों को जोड़ा गया है। करीब 69,530 लोग रोजाना इसी से पानी भरते हैं। बुधवार को इंटकवेल की मोटर जल गई और पूरा सिस्टम बैठ गया। सुबह होते ही गांवों में हाहाकार मच गया। नलों में पानी नहीं आया तो लोग हैंडपंपों की ओर दौड़े, लेकिन वहां भी लंबी कतारें लगी रहीं। बरगढ़, जमिरा, सेमरा, छिवलहा समेत कई गांवों में हैंडपंपों की संख्या कम होने से हालात और बिगड़ गए। कहीं हैंडपंप का हत्था टूटा तो कहीं खारा पानी निकल रहा है। पशुओं के लिए भी पानी का संकट है। कई परिवारों ने टैंकर मंगाकर काम चलाया।
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सबसे ज्यादा महिलाओं पर मार
सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हुई। चूल्हा-चौका, बच्चों को स्कूल भेजना और फिर पानी की तलाश में उनकी दिनचर्या बिगड़ गई। महिलाओं का कहना है कि नल आने के बाद से हैंडपंपों की मरम्मत बंद हो गई है। नल बंद होने पर विकल्प कम हो गए हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि 70 हजार की आबादी वाली योजना में एक भी बैकअप मोटर क्यों नहीं है? हर साल गर्मी और बरसात में मोटर फुंकने की यही कहानी दोहराई जाती है।
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सुबह पांच बजे से हैंडपंप पर लाइन लगानी पड़ी। घंटे में एक बार नंबर आ रहा है। बच्चों को स्कूल भेजना है, खाना बनाने के लिए पानी ही नहीं है।-
-राम लखन यादव, अरवारी।
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-हमारे गांव में सिर्फ दो हैंडपंप चालू हैं, बाकी खराब पड़े हैं। 300 घरों के लोग उसी पर निर्भर हैं। नल आने के बाद हैंडपंप की मरम्मत भी कोई नहीं कराता।- शंकर प्रजापति, जमिरा।
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- कनेक्शन तो हर घर दे दिया, पर मेंटेनेंस जीरो है। गर्मी में हर साल मोटर फुंक जाती है और दो-दो दिन पानी नहीं आता। बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान होते हैं।- भागवत पाल, बरगढ़।
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-इंटकवेल में लगी मोटर जलने से कई दिनों तक समस्या बनी रहने की जानकारी मिली है। हैंडपंप ही एक सहारा हैं। अगर वह भी खराब हो गए तो एक बाल्टी पानी के लिए भटकना पड़ेगा।- अशोक पाठक, कलचिहा।

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इंटकवेल की मोटर बदलने का काम शुरू करा दिया गया है। तीन दिन में आपूर्ति बहाल करने का प्रयास है।- अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण।

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

फोटो 22 सीकेटीपी 16 बरगढ़ ग्राम समूह पेयजल योजना का भवन। संवाद

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