{"_id":"e305d89e87367691e1f964e94a5e9d2d","slug":"balkhadiya-beat-forest-workers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलखड़िया ने वन कर्मियों को पीटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलखड़िया ने वन कर्मियों को पीटा
ब्यूरो/अमर उजाला चित्रकूट
Updated Sat, 04 Apr 2015 11:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहिलपुरवा थाना क्षेत्र में पुलिस को चुनौती देते हुए दस्यु सरगना स्वदेश पटेल उर्फ बलखड़िया ने दिनदहाड़े धावा बोलकर वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) और फारेस्ट गार्ड समेत 5 वन कर्मियों को लाठी-डंडों से पीटकर लहूलुहान कर दिया। फारेस्ट गार्ड की हालत गंभीर है।
मारकुंडी वन क्षेत्राधिकारी जीपी शुक्ला शुक्रवार दोपहर फारेस्ट गार्ड रामऔतार और तीन वाचरों के साथ रुखमा बीट वन क्षेत्र में नर्सरी का निरीक्षण कर रहे थे। इस बीच साढ़े सात लाख का इनामी दस्यु सरगना बलखड़िया एक दर्जन सशस्त्र साथियों के साथ वहां आ धमका और वन कर्मियों की घेराबंदी कर ली।
बंधक बनाकर उन्हें लाठी-डंडों और बंदूकों की बटों से पीटा। दोबारा वन क्षेत्र में नजर आने पर गोली से उड़ाने की धमकी देकर गिरोह घने जंगल की ओर निकल भागा। डकैतों की पिटाई से फारेस्ट गार्ड रामऔतार को गंभीर चोटें आई हैं। मारकुंडी गांव स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में घायल वन कर्मी का इलाज कराया जा रहा है।
विज्ञापन
उधर, बहिलपुरवा थानाध्यक्ष शिवबचन सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। रेंजर ने भी सूचना नहीं दी है। वहीं रेंजर जीपी शुक्ला का कहना है कि पुलिस को सूचना देते तो क्या होता। जंगल में रहकर वह डकैतों का विरोध नहीं कर सकते।
विज्ञापन
मारकुंडी वन क्षेत्राधिकारी जीपी शुक्ला शुक्रवार दोपहर फारेस्ट गार्ड रामऔतार और तीन वाचरों के साथ रुखमा बीट वन क्षेत्र में नर्सरी का निरीक्षण कर रहे थे। इस बीच साढ़े सात लाख का इनामी दस्यु सरगना बलखड़िया एक दर्जन सशस्त्र साथियों के साथ वहां आ धमका और वन कर्मियों की घेराबंदी कर ली।
विज्ञापन
बंधक बनाकर उन्हें लाठी-डंडों और बंदूकों की बटों से पीटा। दोबारा वन क्षेत्र में नजर आने पर गोली से उड़ाने की धमकी देकर गिरोह घने जंगल की ओर निकल भागा। डकैतों की पिटाई से फारेस्ट गार्ड रामऔतार को गंभीर चोटें आई हैं। मारकुंडी गांव स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में घायल वन कर्मी का इलाज कराया जा रहा है।
विज्ञापन
उधर, बहिलपुरवा थानाध्यक्ष शिवबचन सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। रेंजर ने भी सूचना नहीं दी है। वहीं रेंजर जीपी शुक्ला का कहना है कि पुलिस को सूचना देते तो क्या होता। जंगल में रहकर वह डकैतों का विरोध नहीं कर सकते।