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बहनों ने बांधी राखी, भाइयों ने दिया रक्षा का वचन
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रक्षाबंधन पर शहर की एसडीएम कालोनी के एक घर में भाई को राखी बांधती बहन।
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। जिले में रक्षाबंधन का त्योहार परंपरागत तरीके से मनाया गया। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधी। भाइयों ने रक्षा का वचन दिया। बहनों को उपहार दिए गए। मिठाई और राखियों की दुकानों पर भीड़ रही। इससे सामाजिक दूरी का नियम टूट गया।
राजापुर, पहाड़ी, मानिकपुर, मऊ, बरगढ़, भरतकूप, सरैंया, रामनगर, शिवरामपुर, खोही व खंडेहा में भी रक्षाबंधन का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। युवतियों, किशोरियों, महिलाओं ने झूले का आनंद लिया। तीर्थ क्षेत्र चित्रकूट के विधवा आश्रम की महिलाएं कामतानाथ को राखी बांधने पहुंचीं। कोरोना संक्रमण से मंदिर के पट बंद होने पर गेट पर राखी बांधी गई। आचार्य नवलेश दीक्षित ने बताया कि इस वर्ष सावन माह में पांच सोमवार पड़े। पांचवें सोमवार को रक्षाबंधन त्योहार शुभ मुहूर्त में पड़ा। यह मुहूर्त भाई-बहन के अटूट प्यार का प्रतीक होगा। वहीं आवाजाही के लिए बसों में भीड़ रही। ट्रेन बंद रहने से दूरदराज रहने वाली बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने से वंचित रह गईं। भाई-बहनों ने वीडियो कॉलिंग से शुभकामनाएं दीं।
अवकाश के दिन डाक कर्मियों ने दीं सेवाएं
बहनाें ने भाइयों को डाक से राखी भेजी थीं। इससे डाक कर्मियों ने रविवार को अवकाश के दिन भी काम किया। सोमवार को भी भाइयों तक राखी पहुंचाई गईं। राखी पाकर भाइयों के चेहरे खिल गए।
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जेल में अपने हाथ से राखी नहीं बांध सकीं बहनें
चित्रकूट। कोरोना संकट के चलते इस बार जिला कारागार में रक्षाबंधन का पर्व मनाने में गुरेज किया गया। इससे पहले बहनें भाइयों को राखी बांधकर त्योहार मनाती थीं। इस बार वह राखी नहीं बांध सकीं। जेल के गेट पर बहनों से राखी, मिठाई, रोली व चावल ले लिए गए। इन्हें बंदियों तक पहुंचाया गया। ऐसा ही जानकी कुंड अस्पताल में हुआ। अस्पताल के कर्मचारियों डॉक्टरों व भर्ती मरीजों को राखी बांधने आईं बहनों को मुख्य सड़क वाले गेट पर रोक दिया गया। यहां संबंधित को बुलाकर खिड़की से राखी दी गई। हॉटस्पॉट में पाबंदियों के बीच त्योहार मनाया गया। जरूरी सामान खरीदने के लिए लोग मास्क लगाकर बाहर निकले। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल समेत विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस बल निगरानी करता रहा। हॉटस्पॉट में भी निगरानी की गई।
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राजापुर, पहाड़ी, मानिकपुर, मऊ, बरगढ़, भरतकूप, सरैंया, रामनगर, शिवरामपुर, खोही व खंडेहा में भी रक्षाबंधन का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। युवतियों, किशोरियों, महिलाओं ने झूले का आनंद लिया। तीर्थ क्षेत्र चित्रकूट के विधवा आश्रम की महिलाएं कामतानाथ को राखी बांधने पहुंचीं। कोरोना संक्रमण से मंदिर के पट बंद होने पर गेट पर राखी बांधी गई। आचार्य नवलेश दीक्षित ने बताया कि इस वर्ष सावन माह में पांच सोमवार पड़े। पांचवें सोमवार को रक्षाबंधन त्योहार शुभ मुहूर्त में पड़ा। यह मुहूर्त भाई-बहन के अटूट प्यार का प्रतीक होगा। वहीं आवाजाही के लिए बसों में भीड़ रही। ट्रेन बंद रहने से दूरदराज रहने वाली बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने से वंचित रह गईं। भाई-बहनों ने वीडियो कॉलिंग से शुभकामनाएं दीं।
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अवकाश के दिन डाक कर्मियों ने दीं सेवाएं
बहनाें ने भाइयों को डाक से राखी भेजी थीं। इससे डाक कर्मियों ने रविवार को अवकाश के दिन भी काम किया। सोमवार को भी भाइयों तक राखी पहुंचाई गईं। राखी पाकर भाइयों के चेहरे खिल गए।
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जेल में अपने हाथ से राखी नहीं बांध सकीं बहनें
चित्रकूट। कोरोना संकट के चलते इस बार जिला कारागार में रक्षाबंधन का पर्व मनाने में गुरेज किया गया। इससे पहले बहनें भाइयों को राखी बांधकर त्योहार मनाती थीं। इस बार वह राखी नहीं बांध सकीं। जेल के गेट पर बहनों से राखी, मिठाई, रोली व चावल ले लिए गए। इन्हें बंदियों तक पहुंचाया गया। ऐसा ही जानकी कुंड अस्पताल में हुआ। अस्पताल के कर्मचारियों डॉक्टरों व भर्ती मरीजों को राखी बांधने आईं बहनों को मुख्य सड़क वाले गेट पर रोक दिया गया। यहां संबंधित को बुलाकर खिड़की से राखी दी गई। हॉटस्पॉट में पाबंदियों के बीच त्योहार मनाया गया। जरूरी सामान खरीदने के लिए लोग मास्क लगाकर बाहर निकले। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल समेत विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस बल निगरानी करता रहा। हॉटस्पॉट में भी निगरानी की गई।