{"_id":"5ff34e668ebc3e3b8b58192c","slug":"ayush-doctor-should-emphasize-on-drug-research-chitrakutt-news-knp603950274","type":"story","status":"publish","title_hn":"औषधि के शोध पर जोर दें आयुष चिकित्सक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औषधि के शोध पर जोर दें आयुष चिकित्सक
विज्ञापन
सीएम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मौजूद राज्यमंत्री चंद्रिकाप्रसाद उपाध्याय और डीएम शेषमणि
- फोटो : CHITRAKUTT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित आयुष विभाग के 1065 आयुर्वेद और होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियुक्ति पत्र का वितरण किया। राज्यमंत्री और डीएम ने जिले के पांच चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान राज्यमंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि औषधि के शोध में जोर दें।
मुख्यमंत्री ने आनलाइन आयुष विभाग के नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि आयुष मिशन भारत की परंपरागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने का अच्छा माध्यम है। कोरोना काल में इसे बढ़ावा मिला है। पहले लोग काढ़ा को महत्व नहीं देते थे, लेकिन अब ग्राम पंचायत की बैठक से लेकर नीति आयोग की बैठक तक में काढ़े की मांग होती है। आयुर्वेद ने ही सर्जरी की विधा को दिया था। इसमें अमल नहीं किया गया और एलोपैथ की तुलना में पिछड़ गया। आयुर्वेद में व्यापक संभावनाएं हैं।
कलक्ट्रेट परिसर में राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय और डीएम शेषमणि पांडेय ने जिले में चार होम्योपैथिक व एक आयुर्वेद के नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि मन लगाकर जनता की सेवा करें और उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिलाएं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीएमओ डॉ. विनोद कुमार, जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार व मेडिकल आफिसर डॉ. मुकेश पांडेय मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने आनलाइन आयुष विभाग के नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि आयुष मिशन भारत की परंपरागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने का अच्छा माध्यम है। कोरोना काल में इसे बढ़ावा मिला है। पहले लोग काढ़ा को महत्व नहीं देते थे, लेकिन अब ग्राम पंचायत की बैठक से लेकर नीति आयोग की बैठक तक में काढ़े की मांग होती है। आयुर्वेद ने ही सर्जरी की विधा को दिया था। इसमें अमल नहीं किया गया और एलोपैथ की तुलना में पिछड़ गया। आयुर्वेद में व्यापक संभावनाएं हैं।
विज्ञापन
कलक्ट्रेट परिसर में राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय और डीएम शेषमणि पांडेय ने जिले में चार होम्योपैथिक व एक आयुर्वेद के नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि मन लगाकर जनता की सेवा करें और उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिलाएं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीएमओ डॉ. विनोद कुमार, जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार व मेडिकल आफिसर डॉ. मुकेश पांडेय मौजूद रहे।
विज्ञापन