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मनमानी: चालकों की जहां मर्जी, वहीं बन जाता अवैध स्टैंड
Wed, 05 Apr 2023 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 05 Apr 2023 12:37 AM IST
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चित्रकूट। ई रिक्शा चालकों की मनमानी से सड़कों पर जाम लग रहा है। इसके अलावा ओवरलोड सवारियों से हादसों की भी आशंका बनी रहती है।
शहर में करीब 500 से अधिक ई रिक्शा इस समय चल रहे हैं। जब से ई रिक्शा की संख्या बढ़ी है, तब से गली-कूचों में भी जाम लगना शुरू हो गया है। सड़क हादसे भी कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। तीन दिन पहले कसहाई रोड में ई-रिक्शा पलटने से आधा दर्जन से अधिक छात्राएं घायल हो गईं थीं। इसी तरह से लोढ़वारा गांव के पास ई-रिक्शा पलटने से एक सप्ताह पहले दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस तरह से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
चित्रकूट। ई-रिक्शा चलाने के लिए चालक का लाइसेंस होना जरूरी है। इसके साथ ही ई-रिक्शा का पंजीकरण भी होना चाहिए। इसके बाद भी कई चालकों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही रिक्शे का पंजीकरण। कहीं-कहीं तो नाबालिग भी ई-रिक्शा चलाते दिखाई देते हैं।
चित्रकूट। बाइक चालक अतीक अहमद ने बताया कि ई-रिक्शा के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। कहीं भी रिक्शा खड़ा कर देते हैं। इससे जाम लग जाता है। दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं।
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चित्रकूट ई रिक्शा चालक मूलचंद ने बताया कि नियम के आधार पर वह ई रिक्शा चलाते है। शहर में ई रिक्शा खड़े करने के लिए स्थायी स्टैंड नहीं बनाया गया। इससे मजबूरी में सड़क किनारे खड़ा करना पड़ता है।
पंजीकरण न कराने पर होती कार्रवाई
चित्रकूट। एआरटीओ विवेक शुक्ला ने बताया कि जिस ई-रिक्शा का आरटीओ विभाग में पंजीकरण नहीं होता है, उस पर जुर्माना किया जाता है। ड्राइविंग लाइसेंस भी अनिवार्य है। ऐसा न पाए जाने पर ई-रिक्शों के लिए बनाए गए नियमों के आधार पर कार्रवाई की जाती हैं।
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शहर में करीब 500 से अधिक ई रिक्शा इस समय चल रहे हैं। जब से ई रिक्शा की संख्या बढ़ी है, तब से गली-कूचों में भी जाम लगना शुरू हो गया है। सड़क हादसे भी कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। तीन दिन पहले कसहाई रोड में ई-रिक्शा पलटने से आधा दर्जन से अधिक छात्राएं घायल हो गईं थीं। इसी तरह से लोढ़वारा गांव के पास ई-रिक्शा पलटने से एक सप्ताह पहले दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस तरह से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
चित्रकूट। ई-रिक्शा चलाने के लिए चालक का लाइसेंस होना जरूरी है। इसके साथ ही ई-रिक्शा का पंजीकरण भी होना चाहिए। इसके बाद भी कई चालकों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही रिक्शे का पंजीकरण। कहीं-कहीं तो नाबालिग भी ई-रिक्शा चलाते दिखाई देते हैं।
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चित्रकूट। बाइक चालक अतीक अहमद ने बताया कि ई-रिक्शा के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। कहीं भी रिक्शा खड़ा कर देते हैं। इससे जाम लग जाता है। दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं।
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चित्रकूट ई रिक्शा चालक मूलचंद ने बताया कि नियम के आधार पर वह ई रिक्शा चलाते है। शहर में ई रिक्शा खड़े करने के लिए स्थायी स्टैंड नहीं बनाया गया। इससे मजबूरी में सड़क किनारे खड़ा करना पड़ता है।
पंजीकरण न कराने पर होती कार्रवाई
चित्रकूट। एआरटीओ विवेक शुक्ला ने बताया कि जिस ई-रिक्शा का आरटीओ विभाग में पंजीकरण नहीं होता है, उस पर जुर्माना किया जाता है। ड्राइविंग लाइसेंस भी अनिवार्य है। ऐसा न पाए जाने पर ई-रिक्शों के लिए बनाए गए नियमों के आधार पर कार्रवाई की जाती हैं।