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अगहनी अमावस्या: आस्था के आगे ठंड बेअसर, मंदाकिनी में लगाई डुबकी
Wed, 13 Dec 2023 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 13 Dec 2023 12:08 AM IST
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चित्रकूट/ खोही।अगहनी अमावस्या पर्व में मंगलवार की सुबह सर्द हवाओं के बीच दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में स्नान कर भगवान कामदनाथ के दर्शन कर सुख समृद्वि की कामना की। कामदगिरि की परिक्रमा लगा धर्मनगरी के तीर्थ क्षेत्रों के मंदिरों में दर्शन किए।
अमावस्या पर्व में श्रद्धालुओं में उल्लास देखा गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी में स्नान किया। कामदगिरि की परिक्रमा लगाकर धर्मनगरी क्षेत्र के जानकीकुंड, गुप्त गोदावरी, सती अनुसूइया आश्रम, भरतकूप तीर्थ स्थान पर भी भीड़ रही। ट्रेन के इंतजार में श्रद्धालु प्लेटफार्म पर ही सोते रहे। श्रद्धालुओं को नदी में डूबने से बचाने के लिए गोताखोर व नाव लगाई गई।
ठंड को देखते हुए नगर पालिका ने रोडवेज बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों पर अस्थायी रैन बसेरा श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बनाए। अलाव न जलाने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
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दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्य जीवनदास ने बताया कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि सभी मासों में अगहन माह श्रेष्ठ है। इस माह में तीर्थ स्थानों में दर्शन करने से अधिक फल मिलता है।
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अमावस्या पर्व में श्रद्धालुओं में उल्लास देखा गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी में स्नान किया। कामदगिरि की परिक्रमा लगाकर धर्मनगरी क्षेत्र के जानकीकुंड, गुप्त गोदावरी, सती अनुसूइया आश्रम, भरतकूप तीर्थ स्थान पर भी भीड़ रही। ट्रेन के इंतजार में श्रद्धालु प्लेटफार्म पर ही सोते रहे। श्रद्धालुओं को नदी में डूबने से बचाने के लिए गोताखोर व नाव लगाई गई।
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ठंड को देखते हुए नगर पालिका ने रोडवेज बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों पर अस्थायी रैन बसेरा श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बनाए। अलाव न जलाने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
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दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्य जीवनदास ने बताया कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि सभी मासों में अगहन माह श्रेष्ठ है। इस माह में तीर्थ स्थानों में दर्शन करने से अधिक फल मिलता है।