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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   After the 'Free Zone', the government will now pay tax on devotees

‘फ्री-जोन’ के बाद श्रद्धालुओं का टैक्स अब सरकार देगी

Mon, 23 Oct 2017 10:58 PM IST
चित्रकूट
चित्रकूट Updated Mon, 23 Oct 2017 10:58 PM IST
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चित्रकूट। तीर्थ क्षेत्र के साधु-संतों से रात में किया वादा सीएम योगी आदित्यनाथ ने चंद घंटे बाद ही पूरा कर दिया। उन्होंने धार्मिक क्षेत्र चित्रकूट को ‘फ्री-जोन’ घोषित करने की सार्वजनिक घोषणा कर दी। स्पष्ट किया कि अब चित्रकूट में कोई टैक्स वसूली नहीं होगी। इससे जिला पंचायत या नगर पालिका परिषद को राजस्व का जो नुकसान होगा उसकी भरपाई प्रदेश सरकार करेगी। हालांकि इस मुद्दे पर यह भी उल्लेखनीय है कि 1993 में मध्य प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने अपने क्षेत्र के चित्रकूट को कर मुक्त ‘फ्री-जोन’ घोषित कर दिया था। लेकिन यूपी सरकार में यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।

मुख्यमंत्री के रविवार को शाम यहां पहुंचने के कुछ देर बाद चित्रकूट के निर्मोही अखाड़ा में साधु-संतों के साथ बैठक हुई थी। इसमें संतों ने चित्रकूट की समस्याएं बताते हुए टैक्स मुक्त करने का अनुरोध किया था। सोमवार को शाम यहां पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने संतों से किया वादा पूरा करते हुए अपने भाषण में मंच से सार्वजनिक घोषणा की कि चित्रकूट को ‘फ्री-जोन’ बनाया जाएगा। अब यहां कोई वसूली नहीं होगी। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इसका प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
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अफसरों को खबरदार किया कि देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को चित्रकूट में टैक्स वसूली जैसी बातों को कहने का मौका न मिले। अब यहां किसी प्रकार की वसूली नहीं होनी चाहिए। चित्रकूट के लिए सीएम ने अपने कई और इरादे जताए। कहा कि श्रद्धालुओं के रहने के लिए स्थान बनेंगे। पूरा परिक्रमा मार्ग पर डबल शेड लगेगा। रामघाट में लेजर लाइट का प्रदर्शन, टैक्सी स्टैंड तथा फुट ओवर ब्रिज भी बनेगा। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट की धार्मिक महत्ता का जमकर बखान किया और खुद भी श्रद्धा से सराबोर होने का एहसास कराया।
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‘फ्री-जोन’ के बाद श्रद्धालुओं को दोहरे टैक्स से मिली निजात
चित्रकूट। तीर्थ क्षेत्र के धार्मिक स्थल यूपी और एमपी में बंटे हुए हैं। इनमें रामघाट, देवांगना, बांके बिहारी, वाल्मीकि आश्रम, भरतकूप, गुप्त गोदावरी, सती अनुसुइया आश्रम, सीताचरण, हनुमान धारा, प्रमोद वन, कामदगिरि परिक्रमा व मंदिर आदि शामिल हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को दोहरा टैक्स देना पड़ता है। जबकि यह सभी धार्मिक स्थल सड़क मार्ग से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि हाल में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चित्रकूट आए थे और संतों से मिले थे। उनके सामने भी यह समस्या बताई गई थी। श्री चौहान ने तत्काल ‘फ्री-जोन’ की घोषणा करते हुए मध्य प्रदेश के सभी बैरियर खत्म करा दिए थे। अब यूपी में भी योगी आदित्यनाथ ऐसा करा देते हैं तो श्रद्धालुओं को पूरे चित्रकूट में कई टैक्सों से निजात मिलेगी।
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