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गांवों में खुशहाली को पशुपालन भी अपनाएं
Chitrakoot
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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चित्रकूट। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां में देश के वैज्ञानिकों ने बुंदेलखंड के किसान समूहों के साथ चर्चा कर रणनीति तैयार की है। यह जानकारी दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव डा. भरत पाठक ने दी। उन्होंने कहा कि यदि गांवों में खुशहाली लानी है तो कृषि के साथ पशुपालन और लघु उद्यम अपनाना पड़ेगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पं. दीनदयाल उपाध्याय और नानाजी देशमुख के चित्रों पर पुष्पार्चन कर हुआ। समन्वयक डा. नरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। प्रधान वैज्ञानिक डा. एसके सिंह ने दलहन के महत्व के प्रभाव पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि दलहन संस्थान के निदेशक डा. एनपी सिंह ने कहा कि किसान दलहन से पूरे देश का स्वास्थ्य सुधारता है। यदि वह नवीनतम तकनीकी का प्रयोग करे तो अपनी और देश की आर्थिक स्थिति भी सुधार सकता है। भारतीय अनुसंधान परिषद के क्षेत्रीय परियोजना निदेशक डा. अतर सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्रों के कार्यों और महत्व के बारे में जानकारी दी। विभिन्न जिलों से आए किसानों राम भदौरिया, चंद्रशेखर सिंह, तीरथ प्रसाद, गया प्रसाद, अशोक तिवारी, किसान यूनियन के प्रदेश सचिव डा. सुंदर लाल पटेल, जिलाध्यक्ष रामसिंह ने भी अपने विचारों से अवगत कराया।
इस दौरान डा. एसके चतुर्वेदी, एसएस सिंह, राजीव, शिवाकांत, नईमुद्दीन, डा. बर्द्धन और रामहंस सिंह मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ पं. दीनदयाल उपाध्याय और नानाजी देशमुख के चित्रों पर पुष्पार्चन कर हुआ। समन्वयक डा. नरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। प्रधान वैज्ञानिक डा. एसके सिंह ने दलहन के महत्व के प्रभाव पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि दलहन संस्थान के निदेशक डा. एनपी सिंह ने कहा कि किसान दलहन से पूरे देश का स्वास्थ्य सुधारता है। यदि वह नवीनतम तकनीकी का प्रयोग करे तो अपनी और देश की आर्थिक स्थिति भी सुधार सकता है। भारतीय अनुसंधान परिषद के क्षेत्रीय परियोजना निदेशक डा. अतर सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्रों के कार्यों और महत्व के बारे में जानकारी दी। विभिन्न जिलों से आए किसानों राम भदौरिया, चंद्रशेखर सिंह, तीरथ प्रसाद, गया प्रसाद, अशोक तिवारी, किसान यूनियन के प्रदेश सचिव डा. सुंदर लाल पटेल, जिलाध्यक्ष रामसिंह ने भी अपने विचारों से अवगत कराया।
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इस दौरान डा. एसके चतुर्वेदी, एसएस सिंह, राजीव, शिवाकांत, नईमुद्दीन, डा. बर्द्धन और रामहंस सिंह मौजूद रहे।