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आचार्य की पुस्तकों में समस्याओं का समाधान
Chitrakoot
Updated Thu, 09 Jan 2014 05:46 AM IST
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चित्रकूट। भौंरी स्थित कृषक इंटर कालेज में गायत्री शक्तिपीठ की ओर से जनपद स्तरीय पुस्तक मेले का आयोजन हुआ। मेले का शुभारंभ जगद्गुरु विकलंाग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी पाडेंय और सीओ सिटी सुरेशचंद्र रावत ने किया। जिला परियोजना अधिकारी ने विचार क्रांति की लाल मशाल जलाकर कलश यात्रा निकाली।
पुस्तक मेले में बोलते हुए प्रो. बी पाण्डेय ने कहा जब धर्म आडंबरों में घिर जाता है तब कोई न कोई महापुरुष धर्म की स्थापना के लिए अवतरित होते है। पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ऐसे ही महापुरुषों में रहे हैं। पुलिस उपाधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कहा आज दुनिया में शारीरिक और मानसिक बीमारियों के साथ अनेकों समस्याओं का समाधान आचार्य की पुस्तकों मे मिलता है। विदेश के लोग भी इन ग्रंथों की तलाश में भारत आते हैं। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक ने बताया साढे़ तीन हजार पुस्तकों के लेखक, राष्ट्र सृजन के आंदोलन में ताम्र पदक पाने वाले आचार्य न साबित कर दिया कि गृहस्थ जीवन जीते हुए भी व्यक्ति अपने को ऊंचा उठा सकता है। कुंवर भालेंदु सिंह और श्याम सुंदर कुशवाहा ने अतिथियों को आचार्य की वांग्मय भेंटकर स्वागत किया। ममता कुशवाहा के साथ सैकड़ों महिलाओं ने केशरिया परिधान पहनकर कलश की यात्रा निकाली। इस मौके पर भवानीदीन यादव, चुन्नीलाल, प्रमोद पटेल, लक्ष्मीदेवी साहू, सोहनलाल नामदेव, सुखलाल विद्यार्थी, वाला प्रसाद गुप्ता, जयलाल, पीआरडी इंस्पेक्टर भरद्वाज आदि लोग मौजूद थे।
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पुस्तक मेले में बोलते हुए प्रो. बी पाण्डेय ने कहा जब धर्म आडंबरों में घिर जाता है तब कोई न कोई महापुरुष धर्म की स्थापना के लिए अवतरित होते है। पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ऐसे ही महापुरुषों में रहे हैं। पुलिस उपाधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कहा आज दुनिया में शारीरिक और मानसिक बीमारियों के साथ अनेकों समस्याओं का समाधान आचार्य की पुस्तकों मे मिलता है। विदेश के लोग भी इन ग्रंथों की तलाश में भारत आते हैं। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक ने बताया साढे़ तीन हजार पुस्तकों के लेखक, राष्ट्र सृजन के आंदोलन में ताम्र पदक पाने वाले आचार्य न साबित कर दिया कि गृहस्थ जीवन जीते हुए भी व्यक्ति अपने को ऊंचा उठा सकता है। कुंवर भालेंदु सिंह और श्याम सुंदर कुशवाहा ने अतिथियों को आचार्य की वांग्मय भेंटकर स्वागत किया। ममता कुशवाहा के साथ सैकड़ों महिलाओं ने केशरिया परिधान पहनकर कलश की यात्रा निकाली। इस मौके पर भवानीदीन यादव, चुन्नीलाल, प्रमोद पटेल, लक्ष्मीदेवी साहू, सोहनलाल नामदेव, सुखलाल विद्यार्थी, वाला प्रसाद गुप्ता, जयलाल, पीआरडी इंस्पेक्टर भरद्वाज आदि लोग मौजूद थे।
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