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दिल्ली के दारोगा को गोलियों से भूना
Chitrakoot
Updated Sat, 18 May 2013 05:30 AM IST
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चित्रकूट। दिल्ली के लकड़ी कारोबारी के आठ लाख रुपये लेकर फरार आरोपी को दबोचने आए दारोगा की गोली मार कर हत्या कर दी गई। बीती रात दबिश के दौरान आरोपी के गांव में ही दिल्ली पुलिस की टीम पर हमला किया गया। दारोगा को दो गोलियां मारी गईं। पोस्टमार्टम और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पुलिस दारोगा का शव दिल्ली ले गई। आरोपी के मामा को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के गांव छोटी बिलहरी निवासी रमेश यादव छह साल से 480, सैनिक विहार प्रीतमपुर दिल्ली निवासी मुकेश गर्ग के यहां ड्राइवर है। मुकेश गर्ग लकड़ी के कारोबारी हैं। उन्होंने बताया कि रमेश यादव के कहने पर उन्होंने उसके भांजे प्रेमचंद्र को भी दो माह पहले अपने यहां ड्राइवर रख लिया था। प्रेमचंद गत 13 मई को उनको गाड़ी से उनके बेगमपुर स्थित कार्यालय ले गया। उन्होंने गाड़ी में एक बैग में आठ लाख रुपये रखे थे, जिसे प्रेमचंद लेकर भाग निकला।
मुकेश गर्ग ने बताया कि उन्होंने तत्काल चौकी बेगमपुर आउटर पर घटना की नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी। निठारी निवासी एसआई जयबहादुर शर्मा (59) पुत्र केवलराम शर्मा को मामले की विवेचना के दौरान मुकेश के पुराने ड्राइवर रमेश यादव पर भी शक हुआ। वह 15 मई को सिपाही गौरीशंकर, मुकेश, उसके पिता वेदप्रकाश और एक अन्य श्यामलाल को लेकर दबिश देने चित्रकूट आ गए। वे पहले यहां अनुसुइया आश्रम पहुंचे और वहीं से प्रेमचंद्र की लोकेशन लेते रहे।
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बताया जाता है कि इस दौरान दिल्ली पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। इस बीच पता चल गया कि प्रेमचंद्र अपने गांव में मौजूद है। गुरुवार की रात जैसे पुलिस टीम कार से प्रेमचंद्र के गांव छोटी बिलहरी पहुंची, आठ अज्ञात बदमाशों ने हमला बोल दिया। दो गोलियां लगने से एसआई जयबहादुर शर्मा गंभीर घायल हो गए। तत्काल उन्हें जानकीकुंड स्थित सद्गुरु चिकित्सालय ले जाया गया। चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
दिल्ली के दारोगा की हत्या की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह और पुलिस अधीक्षक केबी सिंह अस्पताल पहुंच गए। वहीं पर पोस्टमार्टम के बाद गार्ड आफ ऑनर दिया गया। शुक्रवार को दिल्ली से आई पुलिस टीम शव ले गई। एसपी ने बताया कि रमेश यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के गांव छोटी बिलहरी निवासी रमेश यादव छह साल से 480, सैनिक विहार प्रीतमपुर दिल्ली निवासी मुकेश गर्ग के यहां ड्राइवर है। मुकेश गर्ग लकड़ी के कारोबारी हैं। उन्होंने बताया कि रमेश यादव के कहने पर उन्होंने उसके भांजे प्रेमचंद्र को भी दो माह पहले अपने यहां ड्राइवर रख लिया था। प्रेमचंद गत 13 मई को उनको गाड़ी से उनके बेगमपुर स्थित कार्यालय ले गया। उन्होंने गाड़ी में एक बैग में आठ लाख रुपये रखे थे, जिसे प्रेमचंद लेकर भाग निकला।
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मुकेश गर्ग ने बताया कि उन्होंने तत्काल चौकी बेगमपुर आउटर पर घटना की नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी। निठारी निवासी एसआई जयबहादुर शर्मा (59) पुत्र केवलराम शर्मा को मामले की विवेचना के दौरान मुकेश के पुराने ड्राइवर रमेश यादव पर भी शक हुआ। वह 15 मई को सिपाही गौरीशंकर, मुकेश, उसके पिता वेदप्रकाश और एक अन्य श्यामलाल को लेकर दबिश देने चित्रकूट आ गए। वे पहले यहां अनुसुइया आश्रम पहुंचे और वहीं से प्रेमचंद्र की लोकेशन लेते रहे।
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बताया जाता है कि इस दौरान दिल्ली पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। इस बीच पता चल गया कि प्रेमचंद्र अपने गांव में मौजूद है। गुरुवार की रात जैसे पुलिस टीम कार से प्रेमचंद्र के गांव छोटी बिलहरी पहुंची, आठ अज्ञात बदमाशों ने हमला बोल दिया। दो गोलियां लगने से एसआई जयबहादुर शर्मा गंभीर घायल हो गए। तत्काल उन्हें जानकीकुंड स्थित सद्गुरु चिकित्सालय ले जाया गया। चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
दिल्ली के दारोगा की हत्या की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह और पुलिस अधीक्षक केबी सिंह अस्पताल पहुंच गए। वहीं पर पोस्टमार्टम के बाद गार्ड आफ ऑनर दिया गया। शुक्रवार को दिल्ली से आई पुलिस टीम शव ले गई। एसपी ने बताया कि रमेश यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।