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Chitrakoot News: जानकीकुंड से आज निकलेगी 84 कोसी परिक्रमा
Mon, 16 Feb 2026 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:36 PM IST
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फोटो 16सीकेटीपी 08 भगवत आराधना मंदिर के महंत गोविंद महाराज। संवाद
खोही (चित्रकूट)। धर्मनगरी में 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ मंगलवार को जानकी कुंड स्थित भगवत आराधना मंदिर से होगा। यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और तपस्या का प्रतीक मानी जाती है। इस यात्रा में प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के संत-महात्मा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
भगवत आराधना मंदिर के महंत गोविंद महाराज ने बताया कि परंपरागत मार्ग से निकाली जाने वाली यह यात्रा एक माह तक चलेगी। यात्रा की शुरुआत जानकी कुंड से होगी, जिसके बाद श्रद्धालु भगवान कामदगिरि की परिक्रमा करेंगे। रामसैया और भरतकूप में यात्रा का प्रथम विश्राम होगा। इस दौरान भक्तजन विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और सत्संग में भाग लेंगे। यात्रा के दौरान संयम, साधना और भक्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्थाएं की गई हैं।
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यात्रा का महत्व
84 कोसी परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस यात्रा को पूर्ण करने वाले श्रद्धालुओं को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। यह यात्रा आध्यात्मिक उन्नति का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो मन को शांति और अंतरात्मा को शुद्ध करती है।
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भगवत आराधना मंदिर के महंत गोविंद महाराज ने बताया कि परंपरागत मार्ग से निकाली जाने वाली यह यात्रा एक माह तक चलेगी। यात्रा की शुरुआत जानकी कुंड से होगी, जिसके बाद श्रद्धालु भगवान कामदगिरि की परिक्रमा करेंगे। रामसैया और भरतकूप में यात्रा का प्रथम विश्राम होगा। इस दौरान भक्तजन विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और सत्संग में भाग लेंगे। यात्रा के दौरान संयम, साधना और भक्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्थाएं की गई हैं।
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यात्रा का महत्व
84 कोसी परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस यात्रा को पूर्ण करने वाले श्रद्धालुओं को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। यह यात्रा आध्यात्मिक उन्नति का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो मन को शांति और अंतरात्मा को शुद्ध करती है।