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Chitrakoot News: चारों बांधों में 80 से 90 प्रतिशत तक पानी
Sun, 27 Sep 2026 11:05 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:05 PM IST
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27 सीकेटीपी-19- बरुआ बांध में सामान्य स्थिति। संवाद
चित्रकूट। जिले में 24 सितंबर से शुरू हुई बारिश के बाद प्रमुख चारों बांधों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया था।
बांधों के भरने से गेट खोलने की स्थिति बनने लगी थी लेकिन 26 सितंबर की रात से एमपी और यूपी में बारिश थमने के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है। बांधों का जलस्तर अभी भी 80 से 90 प्रतिशत के बीच है।
धर्मनगरी में प्रमुख रूप से ओहन, बरुआ, गुंता और रसिन बांध हैं। लगातार बारिश के कारण इन बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। इससे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बन गया था और बांधों के गेट खोलने को लेकर सिंचाई विभाग की निगरानी बढ़ गई थी। विभाग के अधिकारी लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए थे। बारिश थमने से अब बांधों में पानी की आवक कम हुई है और स्थिति नियंत्रण में आ गई है।
वर्तमान में ओहन बांध 84.20 प्रतिशत, बरुआ 90.45 प्रतिशत, गुंता 88.74 प्रतिशत और रसिन बांध 80 प्रतिशत भरा हुआ है। चारों बांधों में पर्याप्त पानी होने से इस साल सिंचाई और पेयजल की समस्या नहीं रहेगी, लेकिन विभाग एहतियात के तौर पर निगरानी कर रहा है।
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सिंचाई विभाग के एक्सईएन एसके प्रसाद ने बताया कि बारिश थमने के बाद बांधों की स्थिति सामान्य है। बांध भरे हुए हैं, लेकिन अभी गेट खोलने की जरूरत नहीं दिखाई दे रही है। जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि दोबारा तेज बारिश होती है तो गेट खोलने पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल किसानों के लिए राहत की बात है कि बांधों में पर्याप्त पानी जमा हो चुका है।
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बांधों के भरने से गेट खोलने की स्थिति बनने लगी थी लेकिन 26 सितंबर की रात से एमपी और यूपी में बारिश थमने के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है। बांधों का जलस्तर अभी भी 80 से 90 प्रतिशत के बीच है।
धर्मनगरी में प्रमुख रूप से ओहन, बरुआ, गुंता और रसिन बांध हैं। लगातार बारिश के कारण इन बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। इससे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बन गया था और बांधों के गेट खोलने को लेकर सिंचाई विभाग की निगरानी बढ़ गई थी। विभाग के अधिकारी लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए थे। बारिश थमने से अब बांधों में पानी की आवक कम हुई है और स्थिति नियंत्रण में आ गई है।
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वर्तमान में ओहन बांध 84.20 प्रतिशत, बरुआ 90.45 प्रतिशत, गुंता 88.74 प्रतिशत और रसिन बांध 80 प्रतिशत भरा हुआ है। चारों बांधों में पर्याप्त पानी होने से इस साल सिंचाई और पेयजल की समस्या नहीं रहेगी, लेकिन विभाग एहतियात के तौर पर निगरानी कर रहा है।
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सिंचाई विभाग के एक्सईएन एसके प्रसाद ने बताया कि बारिश थमने के बाद बांधों की स्थिति सामान्य है। बांध भरे हुए हैं, लेकिन अभी गेट खोलने की जरूरत नहीं दिखाई दे रही है। जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि दोबारा तेज बारिश होती है तो गेट खोलने पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल किसानों के लिए राहत की बात है कि बांधों में पर्याप्त पानी जमा हो चुका है।