{"_id":"5b3e588f4f1c1bad288b4cfa","slug":"41530812559-chitrakoot-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्रीय विद्यालय की छात्राएं अनशन पर बैठीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्रीय विद्यालय की छात्राएं अनशन पर बैठीं
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
केंद्रीय विद्यालय की छात्राएं अनशन पर बैठीं
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। गुरुवार केंद्रीय विद्यालय हाईस्कूल की छात्राएं 11वीं में प्रवेश नहीं मिलने पर अनशन पर बैठ गईं। अपने ही विद्यालय की नीतियों के खिलाफ उसी परिसर में छात्राओं का अनशन शुरू होते ही प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। केंदीय विद्यालय की समिति से जुडे़ अधिकारियों ने प्राचार्य व शिक्षकों से बातचीत कर दो घंटे के अंदर अनशन समाप्त कराया। अनशन कारियों को आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होगा।
जीजीआईसी में संचालित केंद्रीय विद्यालय खुलने के दूसरे ही दिन सात छात्राओं ने परिसर में अनशन शुरू कर दिया। पहले दिन अनशन में आरती, पूनम व प्रिया अपने अभिभावकों के साथ बैठीं। अभिभावक प्रीती जायसवाल व मुन्नी देवी ने बताया कि इनके अलावा अंगद, अमर आर्यन व राजदीप कुल सात छात्रों ने हाईस्कूल की शिक्षा प्राप्त की है। हाईस्कूल पास करने के बाद उन्हें 11वीं कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। विद्यालय के प्राचार्य विनोद सिंह का कहना है कि 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले छात्रों को विज्ञान वर्ग में प्रवेश नहीं मिलेगा। अभिभावकों का कहना है कि घरेलू, सामाजिक व आर्थिक स्थिति के कारण बाहर जाकर बच्चों को नहीं पढ़ा सकते। इसी विद्यालय में जब 11वीं की कक्षाएं चल रही है तो उन्हें प्रवेश पाने का अधिकार है। विद्यालय प्रबंधन विज्ञान के अलावा अन्य वर्ग में चाहे तो प्रवेश दे सकता है।
अनशन शुरू होने की जानकारी होते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। केंद्रीय विद्यालय से जुडे़ अधिकारियों ने प्राचार्य व शिक्षकों को अनशन स्थल भेज कर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए। प्राचार्य विनोद सिंह ने कहा इस संबंध में एक दो दिन के अंदर बनारस से विद्यालय के अधिकारियों की टीम आएंगी जिनके सामने कलावर्ग की कक्षाएं संचालित कराने की मांग कर इन छात्रों को प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके बाद शिक्षिका शशी देवी ने छात्राओं को लड्डू खिलाकर अनशन खत्म कराया।
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। गुरुवार केंद्रीय विद्यालय हाईस्कूल की छात्राएं 11वीं में प्रवेश नहीं मिलने पर अनशन पर बैठ गईं। अपने ही विद्यालय की नीतियों के खिलाफ उसी परिसर में छात्राओं का अनशन शुरू होते ही प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। केंदीय विद्यालय की समिति से जुडे़ अधिकारियों ने प्राचार्य व शिक्षकों से बातचीत कर दो घंटे के अंदर अनशन समाप्त कराया। अनशन कारियों को आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होगा।
जीजीआईसी में संचालित केंद्रीय विद्यालय खुलने के दूसरे ही दिन सात छात्राओं ने परिसर में अनशन शुरू कर दिया। पहले दिन अनशन में आरती, पूनम व प्रिया अपने अभिभावकों के साथ बैठीं। अभिभावक प्रीती जायसवाल व मुन्नी देवी ने बताया कि इनके अलावा अंगद, अमर आर्यन व राजदीप कुल सात छात्रों ने हाईस्कूल की शिक्षा प्राप्त की है। हाईस्कूल पास करने के बाद उन्हें 11वीं कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। विद्यालय के प्राचार्य विनोद सिंह का कहना है कि 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले छात्रों को विज्ञान वर्ग में प्रवेश नहीं मिलेगा। अभिभावकों का कहना है कि घरेलू, सामाजिक व आर्थिक स्थिति के कारण बाहर जाकर बच्चों को नहीं पढ़ा सकते। इसी विद्यालय में जब 11वीं की कक्षाएं चल रही है तो उन्हें प्रवेश पाने का अधिकार है। विद्यालय प्रबंधन विज्ञान के अलावा अन्य वर्ग में चाहे तो प्रवेश दे सकता है।
विज्ञापन
अनशन शुरू होने की जानकारी होते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। केंद्रीय विद्यालय से जुडे़ अधिकारियों ने प्राचार्य व शिक्षकों को अनशन स्थल भेज कर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए। प्राचार्य विनोद सिंह ने कहा इस संबंध में एक दो दिन के अंदर बनारस से विद्यालय के अधिकारियों की टीम आएंगी जिनके सामने कलावर्ग की कक्षाएं संचालित कराने की मांग कर इन छात्रों को प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके बाद शिक्षिका शशी देवी ने छात्राओं को लड्डू खिलाकर अनशन खत्म कराया।
विज्ञापन