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धर्मनगरी में याद किए गए हॉकी के जादूगर
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:48 PM IST
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जयंती पर याद किए गए हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद क ी जयंती पर जिले में खेलकूद के साथ गोष्ठी का आयोजन किया गया। उनकी तस्वीर में माल्यार्पण कर उनके खेल के कौशल की चर्चा की। सभी ने खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय छेछरिहा खुर्द में हॉकी मैच का आयोजन किया गया। जिसमें बालक व बलिकाओं की अलग-अलग टीमों ने खेला। बालक वर्ग में टीम बी व बालिका वर्ग में टीम ए विजेता रही। स्टेडियम के हॉकी कोच सुरेश सिंह, व्यायाम शिक्षक श्याम सुंदर यादव प्रधानाध्यापक सुरेश सिंह रहे। शहर के राजकीय गोस्वामी तुलसीदास महाविद्यालय में कबड्डी प्रतियोगिता कराई गई। जिसमें टीम ए विजेता रही। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो प्रेम शंकर मिश्र ने विजेता टीम को पुरस्कार दिया। इस मौके पर शिक्षक डा. धर्मेंद्र सिंह, क्रीड़ा प्रभारी डा. राकेश कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे। इसी तरह से जगद्गुरू विकलांग विश्वविद्यालय में खेल कूद प्रतियोगिता हुई। जिसमें दिव्यांग छात्र-छात्राआें ने खेलकू द प्रतियोगिता में भाग लिया। इस मौके पर कुलपति प्रो. योगेश दुबे छात्र-छात्राओं को पुरस्कार दिया। महात्मा गांधी में ग्रामोदय विश्वविद्यालय कई प्रतियोगिताएं आयोजित हुई। कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने मेजर ध्यान चंद्र को हॉकी खेल का जादूगर बताया। कई अन्य कालेजों व विद्यालयों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
ध्यानचंद को मिले भारत रत्न
चित्रकूट। स्पोर्ट्स क्लब कर्वी शहर के तुलसी पार्क में गोष्ठी का आयोजन किया। यह कार्यक्रम क्लब के संयोजक कमलेश कुमार के नेतृत्व में किया गया। जिसमें मेजर ध्यानचंद को भरत रत्न पुरस्कार देने की मांग की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि सांसद भैरों मिश्र, अधिवक्ता अशोक गुप्ता, पायनियर्स क्लब अध्यक्ष केशव शिवहरे, व्यापारी नेता पंकज अग्रवाल, शक्ति प्रताप सिंह सुशील द्विवेदी, चंद्र प्रकाश खरे, समाजसेवी आलोक द्विवेदी, रमाशंकर शर्मा, महेंद्र अग्रवाल, श्याम गुप्ता, अभिषेक मिश्रा व पवन प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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नंगे पैर खेलती रहीं हॉकी
चित्रकूट। जिस खेल के जादूगर देश के रत्न मेजर ध्यानचंद्र को याद किया गया उन्हीं के प्रिय खेल हॉकी की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। किसी तरह हॉकी के कोच डा. प्रेमशंकर शुक्ला ने छेछरिहा गांव के स्कूल में हॉकी को जीवित रखा है लेकिन संसाधन का बेहद अभाव है। खेल दिवस पर जब छात्राओं का हॉकी मैच हुआ तो ज्यादातर छात्राएं नंगे पैर मैदान मे ऊतरीं। जिसे देखकर सभी स्तब्ध थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद क ी जयंती पर जिले में खेलकूद के साथ गोष्ठी का आयोजन किया गया। उनकी तस्वीर में माल्यार्पण कर उनके खेल के कौशल की चर्चा की। सभी ने खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय छेछरिहा खुर्द में हॉकी मैच का आयोजन किया गया। जिसमें बालक व बलिकाओं की अलग-अलग टीमों ने खेला। बालक वर्ग में टीम बी व बालिका वर्ग में टीम ए विजेता रही। स्टेडियम के हॉकी कोच सुरेश सिंह, व्यायाम शिक्षक श्याम सुंदर यादव प्रधानाध्यापक सुरेश सिंह रहे। शहर के राजकीय गोस्वामी तुलसीदास महाविद्यालय में कबड्डी प्रतियोगिता कराई गई। जिसमें टीम ए विजेता रही। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो प्रेम शंकर मिश्र ने विजेता टीम को पुरस्कार दिया। इस मौके पर शिक्षक डा. धर्मेंद्र सिंह, क्रीड़ा प्रभारी डा. राकेश कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे। इसी तरह से जगद्गुरू विकलांग विश्वविद्यालय में खेल कूद प्रतियोगिता हुई। जिसमें दिव्यांग छात्र-छात्राआें ने खेलकू द प्रतियोगिता में भाग लिया। इस मौके पर कुलपति प्रो. योगेश दुबे छात्र-छात्राओं को पुरस्कार दिया। महात्मा गांधी में ग्रामोदय विश्वविद्यालय कई प्रतियोगिताएं आयोजित हुई। कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने मेजर ध्यान चंद्र को हॉकी खेल का जादूगर बताया। कई अन्य कालेजों व विद्यालयों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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ध्यानचंद को मिले भारत रत्न
चित्रकूट। स्पोर्ट्स क्लब कर्वी शहर के तुलसी पार्क में गोष्ठी का आयोजन किया। यह कार्यक्रम क्लब के संयोजक कमलेश कुमार के नेतृत्व में किया गया। जिसमें मेजर ध्यानचंद को भरत रत्न पुरस्कार देने की मांग की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि सांसद भैरों मिश्र, अधिवक्ता अशोक गुप्ता, पायनियर्स क्लब अध्यक्ष केशव शिवहरे, व्यापारी नेता पंकज अग्रवाल, शक्ति प्रताप सिंह सुशील द्विवेदी, चंद्र प्रकाश खरे, समाजसेवी आलोक द्विवेदी, रमाशंकर शर्मा, महेंद्र अग्रवाल, श्याम गुप्ता, अभिषेक मिश्रा व पवन प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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नंगे पैर खेलती रहीं हॉकी
चित्रकूट। जिस खेल के जादूगर देश के रत्न मेजर ध्यानचंद्र को याद किया गया उन्हीं के प्रिय खेल हॉकी की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। किसी तरह हॉकी के कोच डा. प्रेमशंकर शुक्ला ने छेछरिहा गांव के स्कूल में हॉकी को जीवित रखा है लेकिन संसाधन का बेहद अभाव है। खेल दिवस पर जब छात्राओं का हॉकी मैच हुआ तो ज्यादातर छात्राएं नंगे पैर मैदान मे ऊतरीं। जिसे देखकर सभी स्तब्ध थे।