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जाने कब धर्मनगरी से जुडे़ गांवों का होगा सही विकास
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प्रत्याशियों को खरी-खोटी सुना रहे मतदाता
सड़क, पेयजल व नालियों की समस्या से ग्रामीण परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
खोही (चित्रकूट)। धर्मनगरी से जुडे़ गांव बालापुर माफी गांव, सीतापुर ग्रामीण, खोही गांव विकास के लिए तरस रहे है। गांवों में सड़क, पेयजल, नालियां न बनने से ग्रामीण परेशान हैं। वोट मांगने पहुंचने वाले जन प्रतिनिधियों को मतदाता खरी खोटी सुना रहे हैं।
बालापुर माफी गांव की बाईपास सड़क 10 साल से अधूरी पड़ी है। जिससे समस्याओं का समाना करना पड़ता है। इस गांव में लगभग 975 मतदाताओं की संख्या है। गांव के रामस्वरूप पटेल, रामनिवास पटेल, कमलेश पटेल ने बताया कि यदि यह सड़क बन जाए तो गांव वालों के साथ ही धर्म नगरी आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी। कई बार प्रतिनिधियों से कहा लेकिन सड़क नहीं बनाई।
सीतापुर के कुशवाहा पुरवा में पेयजल का संकट बना हुआ है। तीन हजार की आबादी वाले पुरवा में पाइप लाइन से पानी की सप्लाई नहीं होती। हैंडपंप भी गर्मी मेें पानी छोड़ देतेे है। जिससे मजबूरी में किसान नलकूप से पानी लेने को मजबूर हैं।
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खोही गांव के पुरवों में बनी नालियों की सफाई न होने से घरों का गंदा पानी बहता है। पाइप लाइन से पानी की सप्लाई आए दिन बंद रहती है। गांव के हीरालाल, आशुतोष, डालचंद्र पटेल गया प्रसाद, रमेश ओम प्रकाश आदि ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों को समस्याएं बताई गई लेकिन वह अनदेखी कर देते हैं। इस गांव में 850 लगभग मतदाता की संख्या है।
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प्रत्याशियों को खरी-खोटी सुना रहे मतदाता
सड़क, पेयजल व नालियों की समस्या से ग्रामीण परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
खोही (चित्रकूट)। धर्मनगरी से जुडे़ गांव बालापुर माफी गांव, सीतापुर ग्रामीण, खोही गांव विकास के लिए तरस रहे है। गांवों में सड़क, पेयजल, नालियां न बनने से ग्रामीण परेशान हैं। वोट मांगने पहुंचने वाले जन प्रतिनिधियों को मतदाता खरी खोटी सुना रहे हैं।
बालापुर माफी गांव की बाईपास सड़क 10 साल से अधूरी पड़ी है। जिससे समस्याओं का समाना करना पड़ता है। इस गांव में लगभग 975 मतदाताओं की संख्या है। गांव के रामस्वरूप पटेल, रामनिवास पटेल, कमलेश पटेल ने बताया कि यदि यह सड़क बन जाए तो गांव वालों के साथ ही धर्म नगरी आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी। कई बार प्रतिनिधियों से कहा लेकिन सड़क नहीं बनाई।
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सीतापुर के कुशवाहा पुरवा में पेयजल का संकट बना हुआ है। तीन हजार की आबादी वाले पुरवा में पाइप लाइन से पानी की सप्लाई नहीं होती। हैंडपंप भी गर्मी मेें पानी छोड़ देतेे है। जिससे मजबूरी में किसान नलकूप से पानी लेने को मजबूर हैं।
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खोही गांव के पुरवों में बनी नालियों की सफाई न होने से घरों का गंदा पानी बहता है। पाइप लाइन से पानी की सप्लाई आए दिन बंद रहती है। गांव के हीरालाल, आशुतोष, डालचंद्र पटेल गया प्रसाद, रमेश ओम प्रकाश आदि ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों को समस्याएं बताई गई लेकिन वह अनदेखी कर देते हैं। इस गांव में 850 लगभग मतदाता की संख्या है।