फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे शिक्षामित्र और एडीएम को ज्ञापन देते शिक्षामित्र संघ के पदाधिकार

कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे शिक्षामित्र और एडीएम को ज्ञापन देते शिक्षामित्र संघ के पदाधिकार

Wed, 26 Jul 2017 11:24 PM IST
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:24 PM IST
विज्ञापन
कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे शिक्षामित्र और एडीएम को ज्ञापन देते शिक्षामित्र संघ के पदाधिकार
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

चित्रकूट। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिले के शिक्षामित्रों में हाहाकार मचा है। सैकड़ों शिक्षामित्रों ने सुबह से ही बीएसए कार्यालय और कलक्ट्रेट परिसर में धरना देने पहुंच गए। तीन घंटे से ज्यादा समय तक धरना प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित शिक्षा मित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित दो सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिसमें अदालती निर्णय के बाद सरकार से पुनर्विचार याचिका दाखिल कराकर शिक्षामित्रों के भविष्य को बचाने की गुहार लगाई गई है।
बुधवार को ज्यादातर समायोजित शिक्षक व शिक्षामित्र सुबह से ही मुख्यालय में बीएसए कार्यालय के सामने एकत्र होने लगे। सैकड़ों की संख्या होने के बाद सभी ने बीएसए कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार से शिक्षा मित्रों के भविष्य को बचाने की मांग की गई। एक घंटे तक घेराव के बाद शिक्षा मित्रों ने बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन


इसके बाद जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए शिक्षामित्र कलक्ट्रेट पहुंचे। एडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों के आक्रोश को शंात करने और रोजी रोटी बरकरार रखने का इंतजाम करे। अदालत के इस फैसले से प्रदेश के एक लाख 72 हजार शिक्षा मित्र का करार रद्द हो गया है। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा ने कहा कि समायोजित शिक्षकों और शिक्षा मित्रों के सामने जिंदगी मौत का संकट उत्पन्न हो गया है। इस फैसले के बाद कोई आत्मघाती कदम भी उठा सकता है। प्रदेश सरकार इस फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रसेन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अध्यापक सेवा नियमावली में शीघ्र संशोधन कर सहायक शिक्षक पद वापस दिलाया जाए। दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित दो सूत्रीय ज्ञापन एडीएम विजय नारायण पांडेय को सौंपा। इस दौरान एक सैकड़ा शिक्षक/शिक्षामित्र मौजूद रहे।

जाम की बनी स्थिति
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पहले तो शिक्षामित्र से शिक्षक बने शिक्षक प्रसन्न हुए लेकिन कई और जानकारी होने के बाद उनकी खुशी काफूर हो गई। बुधवार को सुबह से ही अखबार में खबर और उसका डिटेल जानने के लिए शिक्षामित्र मुख्यालय के बस स्टैंड पहुंच गए। अखबार खरीदकर सड़क पर ही बैठकर पूरा डिटेल पढ़ने लगे जिससे ट्रैफिक चौराहे के पास काफी देर तक आंशिक जाम की स्थिति रही।


नहीं दिखी सुरक्षा
सैकड़ों शिक्षामित्र सुबह से लेकर दोपहर तक बीएसए और कलक्ट्रेट परिसर में मौजूद रहे। आक्रोशित शिक्षामित्र एडीएम कार्यालय के सामने बैठकर नारेबाजी करते रहे। बीएसए कार्यालय का घेराव करते रहे लेकिन सुरक्षा के नाम पर दो होमगार्ड भी कहीं नहीं दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed