{"_id":"5b6343c04f1c1bde6d8b5d58","slug":"111533232064-chitrakoot-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चला बुलडोजर तो दुकानदारों का फूटा गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चला बुलडोजर तो दुकानदारों का फूटा गुस्सा
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चला बुलडोजर तो दुकानदारों का फूटा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर। कई दिन से नाली सफाई के नाम पर व्यापारियों की दुकानों का नुकसान हो रहा था। गुरुवार को जब प्रशासन ने नगर पंचायत के साथ अतिक्रमण अभियान चलाया तो दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा। जेसीबी के सामने खड़े होकर दुकानदारों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन डीएम के आदेशों की भी अवहेलना कर रहा है। नाली के पीछे बनी दुकानों व घरों की दीवार जबरन जेसीबी से तोड़ी गई है। कस्बे के बुजुर्ग 91 वर्षीय रामकुमार तिवारी ने आरोप लगाया कि उसकी छह दुकानों को द्वेषपूर्ण तरीके से नुकसान पहुंचाया गया है क्योंकि उसने डीएम से शिकायत की थी।
बुधवार की देर रात तक जोरदार बारिश के बाद गुरुवार की सुबह नगर पंचायत ने अतिक्रमण हटाने की मुनादी कराई। जिससे स्थानीय लोग परेशान हो उठे। तय हुआ कि नाली तक और नाली के ऊपर बने निर्माण को हटाया जाएगा। जिससे कई लोगों ने स्वत: ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद जेसीबी के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद द्विवेदी, एसडीएम संदीप वर्मा व ईओ रामाशीष वर्मा अन्य कर्मचारी व मजदूरों के साथ पहुंचे। कस्बे की दुकानों का अतिक्रमण हटाना शुुरू हुआ। रामकुमार तिवारी ने बताया कि उसकी नाली के पीछे बनी छह दुकानों को जेसीबी से नुकसान पहुंचाया गया है। इसके बाद दुकानदारों में आक्रोश फैल गया।
कस्बे के दुकानदारों ने जेसीबी के सामने सड़क पर आकर प्रदर्शन किया। नारेबाजी करने लगे और फोन से डीएम को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिया कि नाली के पीछे का अतिक्रमण न हटाया जाए। डीएम के आदेश के बाद लगभग एक घंटे तक अभियान बंद रहा। दुकानदारों ने कहा कि यदि अन्याय किया गया तो बाजार बंदी भी करेंगे। वहीं वृद्ध रामकुमार ने अनशन करने की चेतवानी दी है। इस मामले में ईओ रामाशीष वर्मा ने बताया कि नियमानुसार ही कार्रवाई की जा रही थी। कुछ लोगों ने अनावश्यक रूप से मामले को तूल देने का प्रयास किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर। कई दिन से नाली सफाई के नाम पर व्यापारियों की दुकानों का नुकसान हो रहा था। गुरुवार को जब प्रशासन ने नगर पंचायत के साथ अतिक्रमण अभियान चलाया तो दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा। जेसीबी के सामने खड़े होकर दुकानदारों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन डीएम के आदेशों की भी अवहेलना कर रहा है। नाली के पीछे बनी दुकानों व घरों की दीवार जबरन जेसीबी से तोड़ी गई है। कस्बे के बुजुर्ग 91 वर्षीय रामकुमार तिवारी ने आरोप लगाया कि उसकी छह दुकानों को द्वेषपूर्ण तरीके से नुकसान पहुंचाया गया है क्योंकि उसने डीएम से शिकायत की थी।
बुधवार की देर रात तक जोरदार बारिश के बाद गुरुवार की सुबह नगर पंचायत ने अतिक्रमण हटाने की मुनादी कराई। जिससे स्थानीय लोग परेशान हो उठे। तय हुआ कि नाली तक और नाली के ऊपर बने निर्माण को हटाया जाएगा। जिससे कई लोगों ने स्वत: ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद जेसीबी के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद द्विवेदी, एसडीएम संदीप वर्मा व ईओ रामाशीष वर्मा अन्य कर्मचारी व मजदूरों के साथ पहुंचे। कस्बे की दुकानों का अतिक्रमण हटाना शुुरू हुआ। रामकुमार तिवारी ने बताया कि उसकी नाली के पीछे बनी छह दुकानों को जेसीबी से नुकसान पहुंचाया गया है। इसके बाद दुकानदारों में आक्रोश फैल गया।
विज्ञापन
कस्बे के दुकानदारों ने जेसीबी के सामने सड़क पर आकर प्रदर्शन किया। नारेबाजी करने लगे और फोन से डीएम को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिया कि नाली के पीछे का अतिक्रमण न हटाया जाए। डीएम के आदेश के बाद लगभग एक घंटे तक अभियान बंद रहा। दुकानदारों ने कहा कि यदि अन्याय किया गया तो बाजार बंदी भी करेंगे। वहीं वृद्ध रामकुमार ने अनशन करने की चेतवानी दी है। इस मामले में ईओ रामाशीष वर्मा ने बताया कि नियमानुसार ही कार्रवाई की जा रही थी। कुछ लोगों ने अनावश्यक रूप से मामले को तूल देने का प्रयास किया है।
विज्ञापन