फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   1100 consumers of commercial gas cylinders, only 50 cylinders given in a month

Chitrakoot News: व्यावसायिक गैस सिलिंडरों के 11 सौ उपभोक्ता, एक माह में दिए सिर्फ 50 सिलिंडर

Sun, 05 Apr 2026 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Sun, 05 Apr 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
1100 consumers of commercial gas cylinders, only 50 cylinders given in a month
फोटो 04 सीकेटीपी-10- लकड़ी भट्ठी पर दाल पकाता होटल संचालक। संवाद
चित्रकूट। जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की किल्लत से होटल व रेस्तरां कारोबारी खासे परेशान हैं। हालात यह हैं कि आधी मांग भेजने के बाद भी आपूर्ति नहीं हो रही है। होटल व रेस्तरां से जुड़े कई संचालकों को पिछले एक-डेढ़ महीने से सिलिंडर नहीं मिला, इससे उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन




जिले में करीब 11 सौ व्यावसायिक सिलिंडर उपभोक्ता हैं, जबकि मांग घटाकर 550 सिलिंडर कर दी गई है। इसके बाद भी महीने भर में मुश्किल से 50 सिलिंडर ही उपलब्ध हो रहे हैं। इससे होटल, रेस्तरां और ठेला संचालकों को मजबूरन लकड़ी और कोयले का सहारा लेना पड़ रहा है। कई व्यापारी रोजाना तीन से चार सौ रुपये की लकड़ी खरीदकर भट्टी पर खाना बना रहे हैं।
विज्ञापन




वहीं इस बीच व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। 19 किलो का सिलिंडर अब 2099 रुपये में मिल रहा है, जो पहले 1905 रुपये था। व्यापारी महंगे दाम पर सिलिंडर खरीदने को तैयार हैं। उनका कहना है कि कम से कम नियमित आपूर्ति की जाए। व्यापारियों का कहना है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह से सहालग शुरू होने वाली है। ऐसे में अगर समय रहते गैस आपूर्ति नहीं सुधरी तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




संकट के समय हमेशा व्यापारियों ने सरकार का साथ दिया है, अब सरकार को भी उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। फिलहाल, शहर के कई आधुनिक रसोईघर बंद पड़े हैं और व्यापारी महंगे कोयले और वैकल्पिक ईंधन के सहारे काम चला रहे हैं। इससे लागत लगातार बढ़ती जा रही है।



सिलिंडर की किल्लत से बढ़े खाद्य सामग्री के दरें



चित्रकूट। शहर में 500 से अधिक होटल, रेस्तरां और खाद्य व्यवसायी हैं, जिनका कारोबार पूरी तरह गैस पर निर्भर है। सिलिंडर की कमी और बढ़ती लागत का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। पहले दस रुपये में मिलने वाले दो समोसा अब 15 रुपये में बिक रहे हैं। कचौड़ी, इमरती, जलेबी और अन्य नाश्ते भी महंगे हो गए हैं। वहीं होटल में 80 रुपये में मिलने वाले सादी थाली अब 100 रुपये में मिल रही है।



फोटो-04सीकेटीपी 11- कमलेश कुमार। संवाद



लकड़ी भट्टी पर पका रहे खाना



रोडवेज़ बस स्टॉप के पास छोले भटूरे की दुकान संचालित कर रहे कमलेश कुमार ने बताया कि एक महीने से व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिला है। इससे लकड़ी के भट्टी में ही खाने का सामान पका रहे हैं। कई बार अधिक देर होने के कारण ग्राहक लौट जाते हैं। सिलिंडर न होने के कारण व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।



फोटो-04 सीकेटीपी 12- अमित कुमार। संवाद



सिलिंडर न मिलने से कारोबार पर असर



यहीं पर एक होटल संचालित कर रहे अमित कुमार ने बताया कि एक हफ्ते में एक 19 किलो का सिलिंडर लगता है, लेकिन आपूर्ति न मिलने के कारण भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे कारोबार प्रभावित हुआ। कई बार एजेंसियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन सिलिंडर को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है।




बोले जिम्मेदार



व्यावसायिक सिलिंडरों को लेकर लगातार मांग की गई है। जितने भी गाड़ियों में सिलिंडर आ रहे हैं, वह प्राथमिकता से बांटे जा रहे हैं। - कमल नयन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी

फोटो 04 सीकेटीपी-10- लकड़ी भट्ठी पर दाल पकाता होटल संचालक। संवाद

फोटो 04 सीकेटीपी-10- लकड़ी भट्ठी पर दाल पकाता होटल संचालक। संवाद

फोटो 04 सीकेटीपी-10- लकड़ी भट्ठी पर दाल पकाता होटल संचालक। संवाद

फोटो 04 सीकेटीपी-10- लकड़ी भट्ठी पर दाल पकाता होटल संचालक। संवाद

फोटो 04 सीकेटीपी-10- लकड़ी भट्ठी पर दाल पकाता होटल संचालक। संवाद

फोटो 04 सीकेटीपी-10- लकड़ी भट्ठी पर दाल पकाता होटल संचालक। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed