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Chitrakoot News: पत्नी पर तेजाब फेंकने वाले को 10 साल की कैद
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चित्रकूट। जिले में तेजाब फेंकने के पहले मामले में शनिवार को जनपद न्यायाधीश ने निर्णय सुनाया है। विवाहिता पर तेजाब फेंकने का दोष सिद्ध होने पर पति को 10 साल कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बांदा जिले के बबेरू कस्बे की नहर पट्टी निवासी साधना ने पति दिनेश कुमार के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि चार फरवरी 2016 को उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज को लेकर ताना मारने लगे और मायके से बाइक, सोने की जंजीर और 50 हजार रुपये लाने का दबाव बनाने लगे।
इसकी जानकारी माता-पिता को दी। इस पर पिता ने गरीबी का हवाला देते हुए और अधिक दहेज देने में असमर्थता जताई और उसे समझाकर ससुराल भेज दिया। इसके बाद 31 दिसम्बर 2016 को रात 9 बजे पति ने उसे कमरे में बंद कर तेजाब डाल दिया और कमरे का दरवाजा बंद करके चला गया। उसने किसी तरह जान बचाई। हालांकि वह गंभीर रूप से झुलस गई। उसके गर्भ में पल रहे शिशु की भी मौत हो गई। इसकी शिकायत उसने बांदा जिले के पुलिस अधिकारियों से की, किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। लगभग एक साल बाद वह सामाजिक दबाव के कारण फिर से ससुराल चली गई।
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बताया कि नौ जुलाई 2020 को ससुराल वालों ने उसका सामान छीनकर मारपीट के बाद घर से निकाल दिया। मायके भरतकूप आने पर 12 जुलाई को वहां भी आ गए और गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना उसने इलाकाई पुलिस को दी, किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस पर उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर भरतकूप थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोपी पति दिनेश कुमार के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शनिवार को जनपद न्यायाधीश विकास कुमार प्रथम ने इस मामले में निर्णय सुनाया। दोषसिद्ध होने पर आरोपी दिनेश कुमार को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई।
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बांदा जिले के बबेरू कस्बे की नहर पट्टी निवासी साधना ने पति दिनेश कुमार के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि चार फरवरी 2016 को उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज को लेकर ताना मारने लगे और मायके से बाइक, सोने की जंजीर और 50 हजार रुपये लाने का दबाव बनाने लगे।
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इसकी जानकारी माता-पिता को दी। इस पर पिता ने गरीबी का हवाला देते हुए और अधिक दहेज देने में असमर्थता जताई और उसे समझाकर ससुराल भेज दिया। इसके बाद 31 दिसम्बर 2016 को रात 9 बजे पति ने उसे कमरे में बंद कर तेजाब डाल दिया और कमरे का दरवाजा बंद करके चला गया। उसने किसी तरह जान बचाई। हालांकि वह गंभीर रूप से झुलस गई। उसके गर्भ में पल रहे शिशु की भी मौत हो गई। इसकी शिकायत उसने बांदा जिले के पुलिस अधिकारियों से की, किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। लगभग एक साल बाद वह सामाजिक दबाव के कारण फिर से ससुराल चली गई।
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बताया कि नौ जुलाई 2020 को ससुराल वालों ने उसका सामान छीनकर मारपीट के बाद घर से निकाल दिया। मायके भरतकूप आने पर 12 जुलाई को वहां भी आ गए और गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना उसने इलाकाई पुलिस को दी, किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस पर उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर भरतकूप थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोपी पति दिनेश कुमार के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शनिवार को जनपद न्यायाधीश विकास कुमार प्रथम ने इस मामले में निर्णय सुनाया। दोषसिद्ध होने पर आरोपी दिनेश कुमार को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई।