चंदौली। पुरातत्व विभाग की ओर से ऐतिहासिक साक्ष्यों की खोज के लिए सदर कोतवाली के माटीगांव में उत्खनन किया जा रहा है। अभी तक मिले अवशेषों के आधार पर प्राचीन मंदिर के अवशेष तथा खंडित मूर्ति को गुप्तकालीन होने का दावा किया जा रहा है। वहीं सोमवार को खोदाई के दौरान 172 सेमी लंबी दीवार मिली हैं। जो सुर्खी और चुने से बना है। मंगलवार को उत्खनन स्थल की जांच करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संस्थान सारनाथ के विशेषज्ञों के आने की संभावना है।
माटीगांव के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में उत्खनन का कार्य बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति एंव पुरातत्व के विभागाध्यक्ष डा. ओएन सिंह के निर्देशन में चल रहा है। नौ जून से चल रहे दूसरे चक्र के उत्खनन कार्य के दौरान रोजाना ऐतिहासिक अवशेषों के मिलने का दौर जारी है। अब तक प्राचीन मंदिर के अवशेष, शिवलिंग का अरघा, विष्णु की खंडित मूर्ति सहित अन्य चीजें मिली हैं। ऐसे में उत्खनन स्थल की फोटोग्राफी कराने और ड्राइंग बनाने का कार्य भी शुरू होगा। मंगलवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण सारनाथ मंडल के विशेषज्ञों के आने की उम्मीद है। वहीं फोटोग्राफी के लिए बीएचयू से वरुण कुमार सिन्हा तथा ड्राप्ट मैन शिवशंकर प्रजापति भी मंगलवार को माटीगांव पहुंच जाएंगे। उत्खनन टीम के निदेशक प्रो. विनय कुमार ने बताया कि खुदाई का कार्य आगे भी जारी रहेगा। शुरुआती उत्खनन में ऐतिहासिक साक्ष्यों के मिलने से काफी बल मिला है। उत्खनन टीम प्रो. अनिल कुमार दुबे, डॉ.विनय कुमार, राहुल कुमार त्यागी, अभिषेक कुमार सिंह, परमदीप पटेल शामिल है।