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ग्रामीणों ने किया अस्पताल पर प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला चंदौली
Updated Sun, 15 May 2016 01:06 AM IST
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धानापुर ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीयनपुर में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीयनपुरा पर नियुक्त चिकित्सकों के लगातार गायब रहने से नाराज जीयनपुरा गांव के ग्रामीणों ने शनिवार को स्वास्थ्य केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। चेताया कि यदि अस्पताल पर चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की गई तो अस्पताल में ताला बंद कर दिया जाएगा।
हिंदी के प्रख्यात समालोचक डा. नामवर सिंह व उनके भाई कहानीकार काशीनाथ सिंह की जन्मस्थली जीयनपुर में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। इसके लिए ग्रामीणों ने अपनी डेढ़ एकड़ भूमि सरकार को नि:शुल्क दी थी। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र की हालत बदतर है।
प्रभारी चिकित्सक भूपेंद्र शर्मा, फार्मासिस्ट चंद्रभूषण पांडेय सहित अस्पताल पर नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी अक्सर गायब रहते हैं। इसकी वजह से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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नाराज ग्रामीणों का धैर्य शनिवार की सुबह जवाब दे गया और वे अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे।
ग्रामीणों का आरोप था कि स्वास्थ्यकर्मियों के गायब रहने से लोगों को निजी चिकित्सकों से इलाज करवाना पड़ रहा है। चेताया कि सप्ताहभर मेें अस्पताल में चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की गई तो अस्पताल में ताला बंद कर दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में खरपत राम, आशुतोष, बंशू राम, रामाज्ञा, घरभरन, मनोज पांडेय, चिंता, विंदु, प्रेमा, मंगल के साथ ही काफी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
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हिंदी के प्रख्यात समालोचक डा. नामवर सिंह व उनके भाई कहानीकार काशीनाथ सिंह की जन्मस्थली जीयनपुर में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। इसके लिए ग्रामीणों ने अपनी डेढ़ एकड़ भूमि सरकार को नि:शुल्क दी थी। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र की हालत बदतर है।
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प्रभारी चिकित्सक भूपेंद्र शर्मा, फार्मासिस्ट चंद्रभूषण पांडेय सहित अस्पताल पर नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी अक्सर गायब रहते हैं। इसकी वजह से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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नाराज ग्रामीणों का धैर्य शनिवार की सुबह जवाब दे गया और वे अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे।
ग्रामीणों का आरोप था कि स्वास्थ्यकर्मियों के गायब रहने से लोगों को निजी चिकित्सकों से इलाज करवाना पड़ रहा है। चेताया कि सप्ताहभर मेें अस्पताल में चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की गई तो अस्पताल में ताला बंद कर दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में खरपत राम, आशुतोष, बंशू राम, रामाज्ञा, घरभरन, मनोज पांडेय, चिंता, विंदु, प्रेमा, मंगल के साथ ही काफी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।