{"_id":"6adfb7389ec53d2c00003360","slug":"villagers-sit-in-protest-in-baraura-for-12-point-demands-continues-for-the-sixth-day-chandauli-news-c-189-1-svns1011-156777-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: 12 सूत्री मांगों के लिए बड़ौरा में छठे दिन भी ग्रामीणों को धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: 12 सूत्री मांगों के लिए बड़ौरा में छठे दिन भी ग्रामीणों को धरना जारी
विज्ञापन
शहाबगंज विकासखंड के बड़ौरा गांव में 12 सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीणों का धरना सोमवार को छठवें दिन भी जारी रहा। शासन-प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने मांगों के समाधान के लिए अधिकारियों से धरनास्थल पर पहुंचकर वार्ता करने की अपील की।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में गांव की शराब की दुकान बंद कराने, जलनिकासी की व्यवस्था, गलियों और नालियों का निर्माण, इलिया-लेवा मार्ग की बंद पुलिया का पुनर्निर्माण और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर आंबेडकर पार्क व पुस्तकालय का निर्माण शामिल है।
इसके अलावा गरीब परिवारों को पक्का मकान, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चार वर्ष का बकाया मानदेय, सामुदायिक शौचालयों की केयरटेकर महिलाओं का भुगतान, मनरेगा श्रमिकों को 125 दिन काम या बेरोजगारी भत्ता, गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और किसानों की धान की फसल का उचित समर्थन मूल्य दिलाने की मांग की गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने प्रत्येक घर में शौचालय, सभी मोहल्लों में सामुदायिक शौचालय तथा कटवा माफी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। कहा कि आंदोलन गांव की बुनियादी समस्याओं के समाधान और गरीबों, मजदूरों, किसानों व महिलाओं के अधिकारों के लिए है। उन्होंने गांधीजी के सत्याग्रह और डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय के विचारों पर चलते हुए शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में गांव की शराब की दुकान बंद कराने, जलनिकासी की व्यवस्था, गलियों और नालियों का निर्माण, इलिया-लेवा मार्ग की बंद पुलिया का पुनर्निर्माण और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर आंबेडकर पार्क व पुस्तकालय का निर्माण शामिल है।
विज्ञापन
इसके अलावा गरीब परिवारों को पक्का मकान, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चार वर्ष का बकाया मानदेय, सामुदायिक शौचालयों की केयरटेकर महिलाओं का भुगतान, मनरेगा श्रमिकों को 125 दिन काम या बेरोजगारी भत्ता, गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और किसानों की धान की फसल का उचित समर्थन मूल्य दिलाने की मांग की गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने प्रत्येक घर में शौचालय, सभी मोहल्लों में सामुदायिक शौचालय तथा कटवा माफी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। कहा कि आंदोलन गांव की बुनियादी समस्याओं के समाधान और गरीबों, मजदूरों, किसानों व महिलाओं के अधिकारों के लिए है। उन्होंने गांधीजी के सत्याग्रह और डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय के विचारों पर चलते हुए शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।