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Chandauli News: भैसउर में बनेगा अंडरपास, 6.40 करोड़ होंगे खर्च
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कंदवा। बरहनी ब्लॉक के करीब 30 गांवों के किसानों और क्षेत्रीय लोगों रेल लाइन पार में अब सुविधा होगी। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार एक सप्ताह के भीतर 6.40 करोड़ की लागत से भैसउर गांव में 3.5 मीटर चौड़े अंडरपास के निर्माण का काम शुरू होने वाला है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
भैसउर गांव के पास अंडरपास न होने से लोगों को 500 मीटर की दूरी 12 किमी से ज्यादा चलकर पूरी करनी पड़ती है। दुर्घटना से बचने के लिए रेलवे की तरफ से लोहे की राॅड और बैरिकेडिंग कर मार्ग को पूरी तरह से अवरूद्ध कर दिया गया है। इसके खिलाफ लोगों ने कई बार प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय से गुहार भी लगाई थी। पूर्व सांसद की तरफ से कई बार रेलवे को इस संबंध में पत्र भी लिखा गया था। इसके बाद अंडरपास बनाने की मंजूरी तो मिली, लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते शिलान्यास के कई माह बाद भी कार्य शुरू नहीं हो पाया था। अब तकनीकी दिक्कतें दूर होने के बाद एक सप्ताह के अंदर कार्य शुरू करने का आदेश कार्यदायी संस्था को मिल चुका है।
बरहनी ब्लॉक के भैसउर गांव दानापुर-पीडीडीयू नगर रेललाइन के पास बसा हुआ है। गांव के कई लोगों की खेत रेललाइन की दूसरी तरफ है। इससे किसानों को खेत पर जाने के लिए रेललाइन पार करना पड़ता है। इससे दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। दुर्घटना से बचने के लिए रेलवे की तरफ से रेललाइन पार करने की जगह पर बैरिकेडिंग करा दी गई है। इससे गांव के लोगों को लंबी दूरी तय कर जाना-आना पड़ता है। अब अंडरपास का निर्माण होने से किसानों और क्षेत्रीय लोगों को जाने-आने में सहूलियत होगी। रेलवे के पीडब्ल्यूआई केबी तिवारी का कहना है कि लंबे समय से अंडरपास की मांग की जा रही थी। अंडरपास बन जाने से लोगों को समस्या से निजात मिलेगी। छह करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से 3.5 मीटर चौड़ा अंडरपास बनाने की अनुमति दी गई है। इससे क्षेत्र की जनता को लाभ मिलेगा।
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भैसउर गांव के पास अंडरपास न होने से लोगों को 500 मीटर की दूरी 12 किमी से ज्यादा चलकर पूरी करनी पड़ती है। दुर्घटना से बचने के लिए रेलवे की तरफ से लोहे की राॅड और बैरिकेडिंग कर मार्ग को पूरी तरह से अवरूद्ध कर दिया गया है। इसके खिलाफ लोगों ने कई बार प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय से गुहार भी लगाई थी। पूर्व सांसद की तरफ से कई बार रेलवे को इस संबंध में पत्र भी लिखा गया था। इसके बाद अंडरपास बनाने की मंजूरी तो मिली, लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते शिलान्यास के कई माह बाद भी कार्य शुरू नहीं हो पाया था। अब तकनीकी दिक्कतें दूर होने के बाद एक सप्ताह के अंदर कार्य शुरू करने का आदेश कार्यदायी संस्था को मिल चुका है।
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बरहनी ब्लॉक के भैसउर गांव दानापुर-पीडीडीयू नगर रेललाइन के पास बसा हुआ है। गांव के कई लोगों की खेत रेललाइन की दूसरी तरफ है। इससे किसानों को खेत पर जाने के लिए रेललाइन पार करना पड़ता है। इससे दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। दुर्घटना से बचने के लिए रेलवे की तरफ से रेललाइन पार करने की जगह पर बैरिकेडिंग करा दी गई है। इससे गांव के लोगों को लंबी दूरी तय कर जाना-आना पड़ता है। अब अंडरपास का निर्माण होने से किसानों और क्षेत्रीय लोगों को जाने-आने में सहूलियत होगी। रेलवे के पीडब्ल्यूआई केबी तिवारी का कहना है कि लंबे समय से अंडरपास की मांग की जा रही थी। अंडरपास बन जाने से लोगों को समस्या से निजात मिलेगी। छह करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से 3.5 मीटर चौड़ा अंडरपास बनाने की अनुमति दी गई है। इससे क्षेत्र की जनता को लाभ मिलेगा।
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