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सप्ताहभर से बंद है अल्ट्रासाउंड मशीन, भटक रहे मरीज
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चंदौली। वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए अस्पतालों की ओपीडी से लेकर जांच तक बंद थी मगर अब जब ओपीडी शुरू हुई तो जांच मशीन बंद है। मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड मशीन एक सप्ताह से भी अधिक समय से बंद है। कारण की अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सक ही नहीं आ रहे हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और सीटी स्कैन के अलावा अन्य जांचें भी होती हैं। अल्ट्रासाउंड बंद होने के कारण मरीजों को प्राइवेट का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे मरीजों का समय नुकसान होने के साथ-साथ आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आए मरीज राहुल ने बताया कि दो दिन से अल्ट्रासाउंड के लिए आ रहे हैं लेकिन कोई चिकित्सक न होने के कारण अब बाहर का ही सहारा लेना पड़ेगा। वहीं रमेश कुमार ने बताया कि सीटी स्कैन के लिए कई घंटों इंतजार करना पड़ता है इसके बाद भी समय से रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। जांच की गति इतनी धीमी है कि समय पर रिपोर्ट नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।
चंदौली। कोरोना काल में अस्पताल में ओपीडी और जांच घर को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। लेकिन अब जब ओपीडी और जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई तो मरीजों की संख्या भी धीरे-धीरे अस्पताल में बढ़ने लगी। कोरोना काल में जहां मरीज बिल्कुल नहीं आ रहे थे अब उनकी संख्या रोजाना 200 के पार पहुंच गई है। हालांकि यह संख्या 25 मार्च से पहले की तुलना में अभी कम है। जो तकरीबन छह सौ से आठ सौ तक मरीज आते थे। यही हाल जांच का है। पहले प्रतिदिन 100 से अधिक एक्सरे व अल्ट्रा साउंड, और 200 से अधिक लोगों की जांच होती थी, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 50 मरीजों की जांच हो रही है। रोजाना करीब 25 लोगों के एक्सरे कराए जा रहे हैं।
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जिला चिकित्सालय में ओपीडी से लेकर जांच की प्रक्रिया चालू हो चुकी है। अल्ट्रासाउंड के चिकित्सक का स्वास्थ्य ठीक नहीं है उनकी ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड में लग गई है, इससे थोड़ी परेशानी है, लेकिन उससे भी जल्दी दूर करा दिया जाएगा। ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
डॉ भूपेंद्र द्विवेदी सीएमएस जिला अस्पताल चंदौली।
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पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और सीटी स्कैन के अलावा अन्य जांचें भी होती हैं। अल्ट्रासाउंड बंद होने के कारण मरीजों को प्राइवेट का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे मरीजों का समय नुकसान होने के साथ-साथ आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आए मरीज राहुल ने बताया कि दो दिन से अल्ट्रासाउंड के लिए आ रहे हैं लेकिन कोई चिकित्सक न होने के कारण अब बाहर का ही सहारा लेना पड़ेगा। वहीं रमेश कुमार ने बताया कि सीटी स्कैन के लिए कई घंटों इंतजार करना पड़ता है इसके बाद भी समय से रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। जांच की गति इतनी धीमी है कि समय पर रिपोर्ट नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।
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चंदौली। कोरोना काल में अस्पताल में ओपीडी और जांच घर को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। लेकिन अब जब ओपीडी और जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई तो मरीजों की संख्या भी धीरे-धीरे अस्पताल में बढ़ने लगी। कोरोना काल में जहां मरीज बिल्कुल नहीं आ रहे थे अब उनकी संख्या रोजाना 200 के पार पहुंच गई है। हालांकि यह संख्या 25 मार्च से पहले की तुलना में अभी कम है। जो तकरीबन छह सौ से आठ सौ तक मरीज आते थे। यही हाल जांच का है। पहले प्रतिदिन 100 से अधिक एक्सरे व अल्ट्रा साउंड, और 200 से अधिक लोगों की जांच होती थी, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 50 मरीजों की जांच हो रही है। रोजाना करीब 25 लोगों के एक्सरे कराए जा रहे हैं।
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जिला चिकित्सालय में ओपीडी से लेकर जांच की प्रक्रिया चालू हो चुकी है। अल्ट्रासाउंड के चिकित्सक का स्वास्थ्य ठीक नहीं है उनकी ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड में लग गई है, इससे थोड़ी परेशानी है, लेकिन उससे भी जल्दी दूर करा दिया जाएगा। ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
डॉ भूपेंद्र द्विवेदी सीएमएस जिला अस्पताल चंदौली।