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गजब का खेल: पुलिया एक और निर्माण के लिए दो विभागों ने पास करा लिए पैसे, जानें- क्या है मामला
Fri, 03 May 2024 06:15 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 03 May 2024 06:15 PM IST
सार
Chandauli News: पुलिया से संबंधित खबर अमर उजाला के विगत 23 मार्च के अंक में 12 साल में एक बार भी नहीं हुई बिना रेलिंग वाली पुलिया की मरम्मत शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। इसके बाद अधिकारियों की बंद आंखें खुली और नए पुल के निर्माण शुरू हुआ। पुल का निर्माण शुरू होने पर जहां लोगों में खुशी थी वहीं कार्य बंद होने पर उनमें मायूसी है।
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पीडीडीयू नगर में पुलिया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पीडीडीयू नगर में एक पुलिया बनाने का जिम्मा दो विभागों ने ले लिया। इसके बाद एक विभाग ने कार्य आरंभ किया तो दूसरे विभाग ने कार्य को रोकवा दिया। इस बात की चर्चा शुक्रवार को लोगों के बीच होती रही। मामला कंदवा क्षेत्र के घोसवा गांव के पास नारायनपुर पंप कैनाल से निकली नहर पर बन रही नई पुलिया का है।
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दरअसल, उक्त पुलिया को पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग दोनों ने अपनी-अपनी कार्ययोजना में शामिल कर लिया था। शासन की ओर से करीब 50 लाख रुपये की कार्ययोजना की मंजूरी पीडब्ल्यूडी को मिली तो विभाग ने कार्य आरंभ कर दिया। इसकी भनक सिंचाई विभाग को लगी तो उसने पीडब्ल्यूडी को अपने विभाग की पुलिया बताकर कार्य रोकने को कह दिया। इस पर पीडब्ल्यूडी ने कार्य रोक दिया है।
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अब देखना है कि पुलिया का निर्माण कौन विभाग कब तक करवाता है। पुलिया का निर्माण शुरू होने के बाद बंद होने से ग्रामीणों में व्याप्त हर्ष भी काफूर हो गया है। बरहनी घोसवा मार्ग पर घोसवा गांव के समीप नारायनपुर पंप कैनाल से निकली बड़ी नहर पर बना पुल करीब 12 वर्ष से ज्यादा समय से क्षतिग्रस्त है। उसकी रेलिंग भी नहर में गिर चुकी है।
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इससे कई लोग नहर में गिरकर घायल भी हो चुके हैं। अन्य विकल्प के अभाव में लोग इसी रेलिंग विहीन जर्जर और क्षतिग्रस्त पुल से आवागमन करने को विवश हैं जिसके चलते आए दिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे थे।
बोले अधिकारी
पीडब्ल्यूडी विभाग ने बिना अनुमति लिए पुलिया का निर्माण कार्य आरंभ करवा दिया था जबकि पुलिया सिंचाई विभाग के अंतर्गत आती है। पुलिया के मरम्मत की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई थी जिसे मंजूरी भी मिल गई है। - सर्वेशचंद्र सिन्हा, एक्सईएन, चंद्रप्रभा प्रखंड
उस क्षेत्र की जनता की मांग पर सड़कों की कार्ययोजना बनाते समय पुलिया को भी योजना में शामिल किया गया था। शासन से मंजूरी व धन मिलने के बाद कार्य आरंभ कराया गया। इसके लिए सिंचाई विभाग को पहले ही नो ऑब्जेशन के लिए पत्र प्रेषित किया गया था। वहां से कोई जवाब न मिलने पर कार्य आरंभ कराया गया था। हालांकि सिंचाई विभाग के आपत्ति जाहिर करने पर कार्य रोकवा दिया गया है। - राजेश कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी