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Chandauli News: एक ही कमरे में चल रहे दो आंगनबाड़ी केंद्र, ठंड में जमीन पर बैठने को मजबूर हैं मासूम
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इलिया के हड़ौरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर ठंड में बिना मैट के जमीन पर शिक्षा ग्रहण करते नौनिहाल
इलिया। शहाबगंज ब्लॉक के हड़ौरा गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय के एक ही कमरे में चल रहे हैं। आंगनबाड़ी का अपना कोई अलग भवन नहीं है, ठंड में बच्चों को नीचे बैठने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इससे बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पहले आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता रेखा देवी हैं, इनके केंद्र पर 80 बच्चे पंजीकृत हैं। वहीं दूसरे आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता मंजू देवी हैं, इनके यहां 70 बच्चे नामांकित हैं। विडंबना यह है कि दोनों केंद्रों के बच्चे एक ही कमरे में जमीन पर बैठकर पढ़ने और गतिविधियों में शामिल होने को मजबूर हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद विभाग की ओर से न तो मैट की व्यवस्था की गई है और न ही मेज-कुर्सी ही उपलब्ध कराई गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेखा देवी और मंजू देवी ने बताया कि केंद्र के संचालन के लिए न तो भवन है और न ही बच्चों को बैठाने के लिए मैट मिला है। मजबूरी में बच्चों के बैठने के लिए अपने स्तर से बोरों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कई बार बच्चों को समय से पुष्टाहार भी उपलब्ध नहीं हो पाता, इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ नौनिहालों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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कोट
हड़ौरा के आंगनबाड़ी केंद्र पर मैट लगाए जाने का सत्यापन अभी नहीं हुआ है। जैसे ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और अनुमति मिल जाएगी, बच्चों के लिए मैट की व्यवस्था करा दी जाएगी।
आनंद सिंह,बाल विकास परियोजना अधिकारी
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पहले आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता रेखा देवी हैं, इनके केंद्र पर 80 बच्चे पंजीकृत हैं। वहीं दूसरे आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता मंजू देवी हैं, इनके यहां 70 बच्चे नामांकित हैं। विडंबना यह है कि दोनों केंद्रों के बच्चे एक ही कमरे में जमीन पर बैठकर पढ़ने और गतिविधियों में शामिल होने को मजबूर हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद विभाग की ओर से न तो मैट की व्यवस्था की गई है और न ही मेज-कुर्सी ही उपलब्ध कराई गई है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेखा देवी और मंजू देवी ने बताया कि केंद्र के संचालन के लिए न तो भवन है और न ही बच्चों को बैठाने के लिए मैट मिला है। मजबूरी में बच्चों के बैठने के लिए अपने स्तर से बोरों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कई बार बच्चों को समय से पुष्टाहार भी उपलब्ध नहीं हो पाता, इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ नौनिहालों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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हड़ौरा के आंगनबाड़ी केंद्र पर मैट लगाए जाने का सत्यापन अभी नहीं हुआ है। जैसे ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और अनुमति मिल जाएगी, बच्चों के लिए मैट की व्यवस्था करा दी जाएगी।
आनंद सिंह,बाल विकास परियोजना अधिकारी