{"_id":"5ecbfff88ebc3e904914b4b3","slug":"turmeric-increases-immunity-power-dr-brijesh-chandauli-news-vns526711140","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई गुणों से युक्त हल्दी बढ़ाती है इम्यूनिटी पॉवर: डा. बृजेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई गुणों से युक्त हल्दी बढ़ाती है इम्यूनिटी पॉवर: डा. बृजेश
विज्ञापन
कंदवा। आयुर्वेद जगत में हल्दी को विशेष दर्जा प्राप्त है। हल्दी के अलग-अलग तरीके से महत्व भी बताए गए हैं। मौजूदा समय में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। हल्दी को रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी पॉवर) बढ़ाने वाली औषधि भी माना जाता है। हल्दी के इन्हीं गुणों को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने भी टिप्स के रूप में दूध में हल्दी मिलाकर पीने की सलाह दी है। यह बातें कम्हरिया आयुर्वेदिक अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डा. बृजेश पांडेय ने बताई हैं।
उन्होंने बताया कि हल्दी वाला दूध पीने के बहुत फायदे हैं। यह सर्दी-खांसी से दूर रखता है। हल्दी वाले दूध में मौजूद एंटीबायोटिक्स शरीर के फ्री रेडिकल सेल्स से लड़ते हैं। यही वजह है कि दूध में हल्दी मिलाकर पीने से बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-खांसी, गले की खराश और मौसमी बुखार से छुटकारा मिलता है। बताया कि हल्दी के प्रयोग से टाइप-2 डायबिटीज तक ठीक की जा सकती है। हल्दी भूलने की बीमारी वाले मरीजों के मस्तिष्क की गतिविधि को बेहतर बनाने में भी मदद करती है। हल्दी में मौजूद एंटीबॉयटिक्स और दूध में मौजूद कैल्शियम दोनों मिलकर हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इसीलिए किसी भी तरह का फ्रैक्चर होने पर इस मिश्रण को पीने की सलाह दी जाती है। बताया कि हल्दी में 6% करक्यूमिन होता है जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है। हल्दी एंटीसेप्टिक भी है जो घाव या इंफेक्शन को रोकने में एंटीबॉयटिक का कार्य करती है। यह बैक्टीरिया को मारने के साथ उसके प्रसार को भी रोक देती है। कहा कि लोगों में यह भ्रांति है कि हल्दी पीलिया के मरीजों को नहीं दी जानी चाहिए जबकि प्रयोग से साबित हो चुका है कि हल्दी के सेवन से पीलिया के मरीज को भी लाभ पहुंचता है। हल्दी वजन घटाने और डायबिटीज को कंट्रोल में रखने व्में मदद करती है। एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के चलते ही हल्दी आयुर्वेद में औषधि के रूप में इस्तेमाल की जाती है। हल्दी में मौजूद अमिनो एसिड अच्छी नींद में मदद करता है। यह मुंहासों या दानों से आपको बचाकर रखता है। इसके साथ ही साथ यह घावों को भरने में भी कारगर है। हल्दी दूध में मौजूद कैल्शियम और दूसरे मिनरल्स शरीर में मौजूद फैट को कम करते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि हल्दी वाला दूध पीने के बहुत फायदे हैं। यह सर्दी-खांसी से दूर रखता है। हल्दी वाले दूध में मौजूद एंटीबायोटिक्स शरीर के फ्री रेडिकल सेल्स से लड़ते हैं। यही वजह है कि दूध में हल्दी मिलाकर पीने से बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-खांसी, गले की खराश और मौसमी बुखार से छुटकारा मिलता है। बताया कि हल्दी के प्रयोग से टाइप-2 डायबिटीज तक ठीक की जा सकती है। हल्दी भूलने की बीमारी वाले मरीजों के मस्तिष्क की गतिविधि को बेहतर बनाने में भी मदद करती है। हल्दी में मौजूद एंटीबॉयटिक्स और दूध में मौजूद कैल्शियम दोनों मिलकर हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इसीलिए किसी भी तरह का फ्रैक्चर होने पर इस मिश्रण को पीने की सलाह दी जाती है। बताया कि हल्दी में 6% करक्यूमिन होता है जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है। हल्दी एंटीसेप्टिक भी है जो घाव या इंफेक्शन को रोकने में एंटीबॉयटिक का कार्य करती है। यह बैक्टीरिया को मारने के साथ उसके प्रसार को भी रोक देती है। कहा कि लोगों में यह भ्रांति है कि हल्दी पीलिया के मरीजों को नहीं दी जानी चाहिए जबकि प्रयोग से साबित हो चुका है कि हल्दी के सेवन से पीलिया के मरीज को भी लाभ पहुंचता है। हल्दी वजन घटाने और डायबिटीज को कंट्रोल में रखने व्में मदद करती है। एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के चलते ही हल्दी आयुर्वेद में औषधि के रूप में इस्तेमाल की जाती है। हल्दी में मौजूद अमिनो एसिड अच्छी नींद में मदद करता है। यह मुंहासों या दानों से आपको बचाकर रखता है। इसके साथ ही साथ यह घावों को भरने में भी कारगर है। हल्दी दूध में मौजूद कैल्शियम और दूसरे मिनरल्स शरीर में मौजूद फैट को कम करते हैं।
विज्ञापन