फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Try home and ayurvedic tips, stay healthy

घरेलू व आयुर्वेदिक नुस्खे आजमाएं, स्वस्थ्य रहे

Wed, 05 May 2021 06:49 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 May 2021 06:49 PM IST
विज्ञापन
Try home and ayurvedic tips, stay healthy
चंदौली। कोविड वायरस के बढ़ते संक्रमण से बचने के लिए हर व्यक्ति को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने का प्रयास करना होगा। इसके साथ ही सर्दी, खांसी, बुखार व अन्य किसी भी लक्षण को देखकर घबराएँ नहीं बल्कि जांच कराएँ। सीएमओ डॉ. वीपी द्विवेदी ने दावा किया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद मजबूत होनी चाहिए। सर्दी, खांसी, बुखार परिवार के सभी सदस्य को अपने चपेट में ले रहा है, जिसकी वजह से लोगों में शारीरिक क्षमता कमजोर होती है। क्षेत्रीय आयूर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. भावना द्विवेदी ने बताया कि भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा सबसे पुरानी एवं कारगर औषधि परंपरा हैं। बस घरों मे मौजूद औषधि को पहचानना और उनका सही तरीके से उपयोग करना होगा। सर्दी, खांसी,बुखार व कोरोना से लड़ने व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद में भी बहुत से उपचार मौजूद हैं। कहा कि आयुष क्वाथ (काढ़ा) बेहद कारगर साबित हो रहा है। बस जरूरी यह है कि इसे तैयार करने की सही विधि पता होनी चाहिए। कहा कि तुलसी पत्ती का चार भाग, दालचीनी दो भाग, सोंठ का दो भाग और काली मिर्च का एक भाग होना सबसे उपयुक्त होता है। काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले सभी सामग्रियों को दरदरा पाउडर बना लें, 500 मिलीलीटर साफ पानी में धीमी आंच पर उबालें, आधा शेष रह जाने पर छान कर 50 मिलीलीटर की मात्रा चाय की तरह सुबह और शाम को सेवन करें, इसमें नींबू व स्वाद के लिए गुड़ व नमक मिला सकते है। इसके साथ ही च्यवनप्राश और मधुमेह रोगी शुगर फ्री च्यवनप्राश का प्रयोग करें 7 गोल्डन मिल्क यानि 250 मिलीलीटर दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर 20 से 25 मिनट तक हल्के आँच पर गर्म करने के उपरांत इसका सेवन करें। कहा कि दिनभर समय-समय पर गुनगुना पानी पीते रहें। तिल का तेल व नारियल का तेल या घी रोज सुबह और शाम नाक के दोनों छिद्रों में लगाएं। एक बड़ी चम्मच तिल का तेल या नारियल का तेल मुंह में लें, इसे पीना नहीं है, दो से तीन मिनट तक मुंह में घुमाने के बाद थूक दें। इसके बाद गुनगुने पानी से कुल्ला करें। दिन में एक या दो बार ऐसा किया जा सकता है। गले में खराश या सूखा कफ होने पर पुदीने की कुछ पत्तियां और अजवाइन को पानी में गर्म करके स्टीम लें। गुड़ या शहद के साथ लौंग का पाउडर मिलाकर इसे दिन में दो से तीन बार खाएं। यदि सूखा कफ या गले में खराश ज्यादा दिनों तक बनी रह जाए तो चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। साथ ही प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक योग करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed