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प्रदूषण प्रमाणपत्र के लिए परिवहन विभाग ने बढ़ाए शुल्क

Sun, 01 Nov 2020 12:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 12:32 AM IST
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Transport Department has increased fees for pollution certificate
पीडीडीयू नगर। केंद्रीय मोटरयान नियमावली के तहत वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र के शुल्क में 20 से 50 रुपये तक की बढ़ोत्तरी की गई है। अब वाहन स्वामियों को ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी कराना होगा। इसके बाद ही सड़कों पर वाहन दौड़ सकेंगे। इसके लिए परिवहन विभाग ने सभी को निर्देेश दिया है प्रदूषण प्रमाणपत्र नए शुल्क के हिसाब से बनवा लें। परिवहन विभाग की ओर से 20 अक्तूबर से यह व्यवस्था लागू की गई है। इस शुल्क में हर साल जनवरी माह में पांच प्रतिशत की वृद्धि अनुमन्य होगी। साथ ही इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार परिवहन आयुक्त को होगा। अब प्रदूषण प्रमाणपत्र के लिए पेट्रोल चालित दो पहिया वाहनों को 20 रुपये, पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले तिपहिया और चार पहिया वाहनों को 70-70 रुपये प्रमाणपत्र के लिए देना होगा। वहीं डीजल वाहनों के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं जांच के दौरान जांच के दौरान प्रदूषण उत्सर्जन स्तर निर्धारित मानक सीमा से अधिक आता है तो वाहन जांच की निर्धारित फीस वसूल की जाएगी लेकिन वाहन स्वामी को रिजेक्शन प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा।
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ट्रक एंड ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन पड़ाव के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता गुड्डू का कहना है की पैसा बढ़ाने से समस्या का निदान नहीं होगा। इससे ट्रक मालिकों पर अतिरिक्त भार बढ़ेगा। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ता है। प्रदूषण गंभीर समस्या है। इस विषय पर कोई ठोस कार्रवाई हो ताकि आम जनमानस पर अतिरिक्त भार न पड़े। वहीं ट्रक स्वामी राजकिशोर तिवारी का कहना है कि इस कोरोना काल में सभी ट्रक मालिकों की स्थिति खराब है। ऊपर से परिवहन विभाग प्रदूषण का रेट बढ़ने से अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
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प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र सिर्फ ऑनलाइन जारी किये जाएंगे। इसके लिए दो पहिया से लेकर चार पहिया और भारी वाहनों के अलग-अलग शुल्क निर्धारित कर दिए गए हैं। यह व्यवस्था 20 अक्तूबर से लागू कर दी गई है।
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डॉ. दिलीप गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन
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