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ट्रेनें तो चलीं पर यात्री सुविधाएं नहीं
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पीडीडीयू नगर। रेलवे ने 50 दिन बाद ट्रेन संचालन तो शुरू कर दिया लेकिन यात्री सुविधाओं को बहाल नहीं किया। न तो स्टेशन पर फूड्स स्टाल खुले, न ही शौचालयों को खोला गया, कुलियों को भी स्टेशन पर नहीं जाने दिया जा रहा है, इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। स्टेशन और सर्कुलेटिंग एरिया में साफ सफाई की व्यवस्था नहीं की गई है।
कोविड-19 की वजह से देेश में लागू लॉकडाउन की वजह से यात्री ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया। इससे यात्रियों के कोलाहल से गुंजायमान रहने वाला पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पूूरी तरह सन्नाटे में डूब गया। स्टेशन के सभी स्टाल बंद हो गए। कुलियों को स्टेशन आने से रोक दिया गया। शौचालयों, मूत्रालय में ताला लगा दिया गया। एक मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ लेकिन इसे राज्य की जिम्मेदारी बताते हुए यात्री सुविधाओं की शुरूआत नहीं की गई। साफ सफाई न होने से प्लेटफार्मों पर गंदगी का अंबार लग गया। इस बीच 12 मई से चुनिंदा यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। देश भर में चलने वाली 15 जोड़ी ट्रेनों में पांच जोड़ी ट्रेनों का ठहराव पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन पर सवार होने आए यात्रियों को नब्बे मिनट पहले पहुंचने को कहा गया है। ऐसे में गाजीपुर, बलिया, वाराणसी सहित विभिन्न जिलों से ट्रेनों को पकड़ने के लिए स्थानीय स्टेशन पहुंचने वाले पांच से छह घंटा पहले ही पहुंच जा रहे हैं लेकिन स्टेशन पर बैठने तक की व्यवस्था नही है। मजबूूूरी में यात्रियों को सड़क के किनारे पेड़ के नीचे बैठना पड़ रहा है। सर्कुलेटिंग एरिया में शौचालय और यूरेनल गंदे पड़े हैं। ऐसे में यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
रेलवे की गाइड लाइन के अनुसार चुनिंदा ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यात्रा के लिए तमाम नियम बनाए गए हैं। इन नियमों के पालन की वजह से सुविधाओं को शुरू नहीं किया गया है। शौचालय और मूत्रालय की साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं।
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हिमांशु शुक्ला
स्टेशन निदेशक
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कोविड-19 की वजह से देेश में लागू लॉकडाउन की वजह से यात्री ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया। इससे यात्रियों के कोलाहल से गुंजायमान रहने वाला पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पूूरी तरह सन्नाटे में डूब गया। स्टेशन के सभी स्टाल बंद हो गए। कुलियों को स्टेशन आने से रोक दिया गया। शौचालयों, मूत्रालय में ताला लगा दिया गया। एक मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ लेकिन इसे राज्य की जिम्मेदारी बताते हुए यात्री सुविधाओं की शुरूआत नहीं की गई। साफ सफाई न होने से प्लेटफार्मों पर गंदगी का अंबार लग गया। इस बीच 12 मई से चुनिंदा यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। देश भर में चलने वाली 15 जोड़ी ट्रेनों में पांच जोड़ी ट्रेनों का ठहराव पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन पर सवार होने आए यात्रियों को नब्बे मिनट पहले पहुंचने को कहा गया है। ऐसे में गाजीपुर, बलिया, वाराणसी सहित विभिन्न जिलों से ट्रेनों को पकड़ने के लिए स्थानीय स्टेशन पहुंचने वाले पांच से छह घंटा पहले ही पहुंच जा रहे हैं लेकिन स्टेशन पर बैठने तक की व्यवस्था नही है। मजबूूूरी में यात्रियों को सड़क के किनारे पेड़ के नीचे बैठना पड़ रहा है। सर्कुलेटिंग एरिया में शौचालय और यूरेनल गंदे पड़े हैं। ऐसे में यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
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रेलवे की गाइड लाइन के अनुसार चुनिंदा ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यात्रा के लिए तमाम नियम बनाए गए हैं। इन नियमों के पालन की वजह से सुविधाओं को शुरू नहीं किया गया है। शौचालय और मूत्रालय की साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं।
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हिमांशु शुक्ला
स्टेशन निदेशक