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पानी के लिए लगती है कतार
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Sat, 14 May 2016 01:26 AM IST
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जिले के अंतिम छोर पर बसे इलिया कस्बे में व्याप्त जलसंकट बुंदेलखंड से ह़ोड़ ले रहा है। कस्बे में लगे अधिकतर हैंडपंपों के खराब होने की वजह से लोगों को लाइन में खड़े होकर पानी के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं 300 मीटर दूर से लोग पीने का पानी लाकर पी रहे हैं।
शहाबगंज विकास खंड के ग्राम पंचायत इलिया की आबादी करीब दस हजार है। कस्बावासियों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मात्र 28 सरकारी हैंडपंप लगाए गए हैं। इसमें से करीब आधा दर्जन हैंडपंप रिबोर की बाट जोह रहे हैं तो लगभग उतने ही हैंडपंप छोटी-मोटी खराबियों के चलते पानी देना बंद कर दिए हैं। बचे खुचे हैंडपंपों पर ही अब कस्बावासियों को पेयजल की उपलब्ध कराने का बोझ आ गया है। इससे इन हैंडपंपों पर पीने के पानी के लिए सुबह और शाम लोगों की लंबी कतार लग रही है। इसके अलावा जिन लोगों ने सबमर्सिबल पंप लगवाया है, उनके यहां भी बिजली रहने पर पानी लेने के लिए लोग इकट्ठा हो जा रहे हैं। बिजली रहने पर तो पानी मिल जाता है लेकिन बिजली के गुल रहने पर लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कस्बे के नाऊ बस्ती, यादव बस्ती, तेली बस्ती में एक भी हैंडपंप नहीं है। वहीं मुख्य चौराहे से भीतरी बाजार तक करीब 700 मीटर की दूरी के बीच में एक भी हैंडपंप नहीं है। पिछले दिनों कस्बे के मुस्लिम बस्ती के लोगों ने खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत के लिए विरोध प्रदर्शन भी किया था।
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शहाबगंज विकास खंड के ग्राम पंचायत इलिया की आबादी करीब दस हजार है। कस्बावासियों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मात्र 28 सरकारी हैंडपंप लगाए गए हैं। इसमें से करीब आधा दर्जन हैंडपंप रिबोर की बाट जोह रहे हैं तो लगभग उतने ही हैंडपंप छोटी-मोटी खराबियों के चलते पानी देना बंद कर दिए हैं। बचे खुचे हैंडपंपों पर ही अब कस्बावासियों को पेयजल की उपलब्ध कराने का बोझ आ गया है। इससे इन हैंडपंपों पर पीने के पानी के लिए सुबह और शाम लोगों की लंबी कतार लग रही है। इसके अलावा जिन लोगों ने सबमर्सिबल पंप लगवाया है, उनके यहां भी बिजली रहने पर पानी लेने के लिए लोग इकट्ठा हो जा रहे हैं। बिजली रहने पर तो पानी मिल जाता है लेकिन बिजली के गुल रहने पर लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कस्बे के नाऊ बस्ती, यादव बस्ती, तेली बस्ती में एक भी हैंडपंप नहीं है। वहीं मुख्य चौराहे से भीतरी बाजार तक करीब 700 मीटर की दूरी के बीच में एक भी हैंडपंप नहीं है। पिछले दिनों कस्बे के मुस्लिम बस्ती के लोगों ने खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत के लिए विरोध प्रदर्शन भी किया था।
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