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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   The smell of jaggery no longer emanates from the cauldron, leaving farmers disillusioned with sugarcane cultivation

Chandauli News: अब कड़ाहे से नहीं आती गुड़ की खुशबू, गन्ने की खेती से किसानों का मोह भंग

Wed, 25 Feb 2026 01:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 01:41 AM IST
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The smell of jaggery no longer emanates from the cauldron, leaving farmers disillusioned with sugarcane cultivation
कमालपुर में कड़ाहे में गुड़ बनाते लोग। संवाद
कमालपुर। एक समय जिले के हर गांव में गन्ने की फसल लहलहाती थी। कड़ाहे से गुड़ की खुशब हर किसी को अपनी ओर खींचती थी। बीतते वक्त के साथ मजदूर मिलना कम हो गये, गन्ने के बीज भी मिलने बंद हो गए। वहीं औराई में चीनी मिल बंद होने से किसानों का गन्ने की खेती से मोह भंग हो गया।
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बताया जा रहा है कि जिले के किसान, चुनार से पत्थर कोल्हू लाकर गन्ने की पेराई करते थे। इसका निशान आज भी कई गांवों में मौजूद हैं। बड़े किसान दस-दस बीघे तक गन्ना बोते थे। इसके लिए जनौली, उकनी, धानापुर , चहनियां सहित कई जगहों पर गन्ना तौल केंद्र थे। तौल केंद्रों से ट्रकों के माध्यम से गन्ना औराई चीनी मिल भेजी जाती थी। किसानों के गन्ने का भुगतान उनके खाते में हो जाता था। जब ये तौल केंद्र बंद हो गए। इसके बाद भी किसानों ने गन्ना बोना बंद नहीं किया। औराई चीनी मिल निजी साधनों से ले जाते थे अब चीनी मिल बंद हो गई। इसकी वजह से गन्ने के क्षेत्र सिकुड़ते गए। किसानों को गन्ने के बीज भी नहीं मिल पाते हैं, गन्ना छीलने के लिए मजदूर अब नहीं मिलते हैं। जो किसान घर के लिए गन्ना लगाते हैं उनके गन्ने को चूहे और निराश्रित पशु नुकसान कर देतें हैं। जिले में गन्ना के क्षेत्र जिला गन्ना अधिकारी वाराणसी के दायरे में कर दिया गया। अब वाराणसी से हटाकर गाजीपुर गन्ना अधिकारी के क्षेत्र में कर दिया गया। इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि औराई चीनी मिल के बंद होने से समस्या उत्पन्न हुई है। यदि किसी को गन्ना के नये बीज चाहिए तो गन्ना शोध केंद्र सैदपुर गाजीपुर से प्राप्त कर सकते हैं ।
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लोगों से बातचीत
--गन्न के नये बीज नहीं मिल पाते हैं । पुराने गन्ने के बीज से अच्छी पैदावार नहीं होती है।
रमेश यादव, गौसपुर

-गन्ना तौल केंद्र नहीं है, जिसकी वजह से गन्ना के क्षेत्र सिमटते गए। सुरेंद्र यादव, हृदयपुर

--पांच बिस्वे में गन्ना लगाए हैं चूहे और घड़रोज फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। नरेंद्र यादव, मड़ैयां
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