{"_id":"630b9fc69c2a77455d644f51","slug":"the-power-supply-of-the-city-stalled-for-four-hours-due-to-disturbance-in-the-33-thousand-volt-wire-chandauli-news-vns671380942","type":"story","status":"publish","title_hn":"33 हजार वोल्ट के तार में गड़बड़ी से चार घंटे नगर की बिजली आपूर्ति ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
33 हजार वोल्ट के तार में गड़बड़ी से चार घंटे नगर की बिजली आपूर्ति ठप
विज्ञापन
साहुपुरी उपकेंद्र से चंदासी उपकेंद्र तक आने वाले 33 हजार वोल्ट के तार में गड़बड़ी आने से शनिवार की रात 10 बजकर 20 मिनट पर पूरे नगर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उसे ठीक करने में करीब चार घंटे लग गए। मरम्मत कार्य के बाद रात के दो बजकर 20 मिनट पर लाइट आई। बिजली न रहने से उमसभरी गर्मी में नगरवासी परेशान रहे।
इन दिनों बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। दिन-रात हो रही बिजली कटौती से आम जनजीवन बेहाल है। लोकल फाल्ट के कारण शनिवार की शाम से बिजली की आवाजाही जारी थी। रात के 10 बजे लोग जैसे ही खाना खाकर सोने गए, एकबार फिर बिजली चली गई। पहले तो लोगों ने सोचा कि कुछ देर में बिजली आ जाएगी लेकिन एक घंटे बिजली नहीं आई तो वे परेशान हो गए। उमसभरी गर्मी में लोग बिजली के इंतजार में करवट बदलते रहे। पूछने पर विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि 33 हजार वोल्ट के लाइन में गड़बड़ी आने के कारण चंदासी उपकेंद्र पर बिजली आ तो रही है लेकिन पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल रहा है। इसके बाद रात के करीब 12 बजे विभागीय कर्मियों ने गड़बड़ी खोजने के लिए 33 हजार वोल्ट के तारों व खंभों की पेट्रोलिंग आरंभ की। उनकी खोज व्यासनगर रेलवे ट्रैक के समीप गुजरे अंडरग्राउंड तार के पास पहुंचकर समाप्त हुई। यहां 33 हजार वोल्ट तार के दो जंफर एकसाथ उड़ गए थे। इस कारण चंदासी उपकेंद्र पर कम वोल्टेज के साथ बिजली पहुंच रही थी। इतने में रात के एक बज गए। विभागीय कर्मियों को दोनों जंफरों की मरम्मत करने में एक घंटे से कुछ ज्यादा समय लग गया। जंफरों की मरम्मत के बाद रात दो बजकर 20 मिनट पर आपूर्ति बहाल हुई।
मरम्मत के बाद भी जाती रही लाइट
साहूपुरी उपकेंद्र से चंदासी उपकेंद्र पर आने वाले 33 हजार वोल्ट के तार में फॉल्ट आने के बाद उसे बनाने में चार घंटे लग गए। लेकिन फिर लोकल फॉल्ट का दौर आरंभ हो गया।
विज्ञापन
लाइट आने के कुछ देर बाद गल्ला मंडी वार्ड में एबीसी तार ब्लास्ट करने से करीब 75 घरों की आपूर्ति ठप हो गई। वार्ड के लोगों ने इसकी शिकायत मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल से की। विधायक ने विभाग के अधिकारियों से बात कर तार की मरम्मत कराई। इसमें भोर के करीब साढ़े तीन बज गए। लाइट न रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं रविवार की सुबह भी कई फीडरों की लाइट आती और जाती रही। फीडर संख्या दो की लाइट सुबह आठ बजे कट गई। इससे लोगों को पानी के लिए कुछ देर परेशान होना पड़ा। करीब एक घंटे में गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी।
ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र आठ से 10 घंटे मिल रही बिजली
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा दंश ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को झेलना पड़ रहा है। हाल यह है कि इन क्षेत्रों में मात्र आठ से 10 घंटे ही आपूर्ति की जा रही है। इससे ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी है।
बिजली कम मिलने के साथ लो वोल्टेज की समस्या से भी ग्रामीणों को दो चार होना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में कई किसानों के धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। नहरों में समय से पर्याप्त पानी न मिलने पर किसानों ने मोटर चलाकर खेती करने का निर्णय लिया पर बिजली की समस्या ने उनके इस मंसूबे पर पानी फेर दिया है। लो वोल्टेज की समस्या ऐसी है कि किसी किसान का एक मोटर चलने के बाद दूसरे किसान का मोटर नहीं चल पा रहा है। इससे किसानों को पहले चले मोटर के बंद होने का इंतजार करना पड़ रहा है। खेतों की सिंचाई के लिए किसान पूरी रात जागकर बिजली आने का इंतजार करने को विवश हैं।
विज्ञापन
इन दिनों बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। दिन-रात हो रही बिजली कटौती से आम जनजीवन बेहाल है। लोकल फाल्ट के कारण शनिवार की शाम से बिजली की आवाजाही जारी थी। रात के 10 बजे लोग जैसे ही खाना खाकर सोने गए, एकबार फिर बिजली चली गई। पहले तो लोगों ने सोचा कि कुछ देर में बिजली आ जाएगी लेकिन एक घंटे बिजली नहीं आई तो वे परेशान हो गए। उमसभरी गर्मी में लोग बिजली के इंतजार में करवट बदलते रहे। पूछने पर विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि 33 हजार वोल्ट के लाइन में गड़बड़ी आने के कारण चंदासी उपकेंद्र पर बिजली आ तो रही है लेकिन पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल रहा है। इसके बाद रात के करीब 12 बजे विभागीय कर्मियों ने गड़बड़ी खोजने के लिए 33 हजार वोल्ट के तारों व खंभों की पेट्रोलिंग आरंभ की। उनकी खोज व्यासनगर रेलवे ट्रैक के समीप गुजरे अंडरग्राउंड तार के पास पहुंचकर समाप्त हुई। यहां 33 हजार वोल्ट तार के दो जंफर एकसाथ उड़ गए थे। इस कारण चंदासी उपकेंद्र पर कम वोल्टेज के साथ बिजली पहुंच रही थी। इतने में रात के एक बज गए। विभागीय कर्मियों को दोनों जंफरों की मरम्मत करने में एक घंटे से कुछ ज्यादा समय लग गया। जंफरों की मरम्मत के बाद रात दो बजकर 20 मिनट पर आपूर्ति बहाल हुई।
विज्ञापन
मरम्मत के बाद भी जाती रही लाइट
साहूपुरी उपकेंद्र से चंदासी उपकेंद्र पर आने वाले 33 हजार वोल्ट के तार में फॉल्ट आने के बाद उसे बनाने में चार घंटे लग गए। लेकिन फिर लोकल फॉल्ट का दौर आरंभ हो गया।
विज्ञापन
लाइट आने के कुछ देर बाद गल्ला मंडी वार्ड में एबीसी तार ब्लास्ट करने से करीब 75 घरों की आपूर्ति ठप हो गई। वार्ड के लोगों ने इसकी शिकायत मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल से की। विधायक ने विभाग के अधिकारियों से बात कर तार की मरम्मत कराई। इसमें भोर के करीब साढ़े तीन बज गए। लाइट न रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं रविवार की सुबह भी कई फीडरों की लाइट आती और जाती रही। फीडर संख्या दो की लाइट सुबह आठ बजे कट गई। इससे लोगों को पानी के लिए कुछ देर परेशान होना पड़ा। करीब एक घंटे में गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी।
ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र आठ से 10 घंटे मिल रही बिजली
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा दंश ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को झेलना पड़ रहा है। हाल यह है कि इन क्षेत्रों में मात्र आठ से 10 घंटे ही आपूर्ति की जा रही है। इससे ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी है।
बिजली कम मिलने के साथ लो वोल्टेज की समस्या से भी ग्रामीणों को दो चार होना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में कई किसानों के धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। नहरों में समय से पर्याप्त पानी न मिलने पर किसानों ने मोटर चलाकर खेती करने का निर्णय लिया पर बिजली की समस्या ने उनके इस मंसूबे पर पानी फेर दिया है। लो वोल्टेज की समस्या ऐसी है कि किसी किसान का एक मोटर चलने के बाद दूसरे किसान का मोटर नहीं चल पा रहा है। इससे किसानों को पहले चले मोटर के बंद होने का इंतजार करना पड़ रहा है। खेतों की सिंचाई के लिए किसान पूरी रात जागकर बिजली आने का इंतजार करने को विवश हैं।