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जिन लॉकरों पर ग्राहकों से लगवाया गया था ताला, चोरो ने उसे ही खंगाला
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चंदौली। नगर के इलाहाबाद इंडियन बैंक के लॉकरों से हुई आभूषणों की चोरी के मामले की भनक लगने के बाद मंगलवार दर्जनों उपभोक्ता शाखा पर पहुंच गए। लेकिन बैंक की ओर से उनका सहयोग नहीं किए जाने से लोग भड़क उठे और नारेबाजी करने लगे। हालांकि बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामले को संभाला गया। इसके बाद बारी-बारी से लोगों को उनके लॉकरों को दिखाया। जांच में पाया गया कि कुल 40 लॉकरों को तोड़कर चोरों ने खंगाल दिया था। उपभोक्ताओं ने बैंककर्मियों पर संदेश जाहिर करते हुए कहा कि जिन लॉकरों पर अलग से ताले लगवाए गए थे। चोरों ने उसे ही खंगाला है।
मुख्यालय पर एसपी आवास के समीप इलाहाबाद इंडियन बैंक में रविवार की रात चोरों ने 40 लॉकर तोड़ दिए। घटना की जानकारी होते ही सुबह पुलिस सक्रिय हुई। एएसपी चिरंजिवी मुखर्जी ने बताया कि पुलिस की तीन टीमों को जांच के लिए लगाया गया है। वहीं मंगलवार को जानकारी होने पर बैंक के कई उपभोक्ता बैंक पहुंचे। सभी लॉकर देखने की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सबको समझाया और एक लोगों को लॉकर दिखाया गया। केजी नंदा हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि बैंक में उनका लाकर है। जिसे चोरों ने काट दिया, परंतु मामला पूरी तरह से संदिग्ध नजर आ रहा है। क्योंकि बैंक के मैनेजर के द्वारा जिन लॉकरों पर ग्राहकों से अलग से ताले लगवाए गए थे, उन्हीं लॉकरों को निशाना बनाया गया है। ऐसे में कहीं ना कहीं बैंक कर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उपभोक्ताओं को बैंक के द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। सदलपुरा की प्रतिभा सिंह ने बताया कि इंडियन बैंक में उनका लाकर है। जिसे चोरों ने खंगाल दिया है। बैंक के बाहर उपभोक्ताओं की नारेबाजी की सूचना पर पहुंचे सदर कोतवाली प्रभारी संजीव सिंह ने समझा-बुझाकर सबको शांत कराया। उपभोक्ताओं से अपील की कि जिनका जितने मूल्य का सामान गया है उसकी लिखित सूचना थाने में दें।
चंदौली। इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक मनीष कुमार के द्वारा पुलिस को दिए गए तहरीर में बैंक से गायब हुए आभूषणों का जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने केवल 40 लॉकरों के टूटने की बात पुलिस को लिखित रूप से दी है। बैंक मैनेजर के द्वारा खुद को और पुलिस को बचाने का मामला लोगों के समझ के परे है। आखिर बैंक मैनेजर ने आभूषणों का मूल्यांकन क्यों नहीं किया या पुलिस के दबाव में तहरीर लिखी गई है। संवाद
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मुख्यालय पर एसपी आवास के समीप इलाहाबाद इंडियन बैंक में रविवार की रात चोरों ने 40 लॉकर तोड़ दिए। घटना की जानकारी होते ही सुबह पुलिस सक्रिय हुई। एएसपी चिरंजिवी मुखर्जी ने बताया कि पुलिस की तीन टीमों को जांच के लिए लगाया गया है। वहीं मंगलवार को जानकारी होने पर बैंक के कई उपभोक्ता बैंक पहुंचे। सभी लॉकर देखने की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सबको समझाया और एक लोगों को लॉकर दिखाया गया। केजी नंदा हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि बैंक में उनका लाकर है। जिसे चोरों ने काट दिया, परंतु मामला पूरी तरह से संदिग्ध नजर आ रहा है। क्योंकि बैंक के मैनेजर के द्वारा जिन लॉकरों पर ग्राहकों से अलग से ताले लगवाए गए थे, उन्हीं लॉकरों को निशाना बनाया गया है। ऐसे में कहीं ना कहीं बैंक कर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उपभोक्ताओं को बैंक के द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। सदलपुरा की प्रतिभा सिंह ने बताया कि इंडियन बैंक में उनका लाकर है। जिसे चोरों ने खंगाल दिया है। बैंक के बाहर उपभोक्ताओं की नारेबाजी की सूचना पर पहुंचे सदर कोतवाली प्रभारी संजीव सिंह ने समझा-बुझाकर सबको शांत कराया। उपभोक्ताओं से अपील की कि जिनका जितने मूल्य का सामान गया है उसकी लिखित सूचना थाने में दें।
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चंदौली। इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक मनीष कुमार के द्वारा पुलिस को दिए गए तहरीर में बैंक से गायब हुए आभूषणों का जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने केवल 40 लॉकरों के टूटने की बात पुलिस को लिखित रूप से दी है। बैंक मैनेजर के द्वारा खुद को और पुलिस को बचाने का मामला लोगों के समझ के परे है। आखिर बैंक मैनेजर ने आभूषणों का मूल्यांकन क्यों नहीं किया या पुलिस के दबाव में तहरीर लिखी गई है। संवाद
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