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व्रतियों ने तालाबों में दिया अर्घ्य
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:25 AM IST
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अर्घ्य के पूर्व पूजन करती व्रती महिलाएं।
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लोक आस्था के पर्व चैत्र छठ पर मंगलवार को सरोवरों, तालाबों में व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर मगल कामना की।
आस्था का महापर्व छठ को लेकर लोगों में बड़ी श्रद्धा है। वैसे तो पूरे वर्ष प्रत्येक माह में सूर्य षष्ठी आती है लेकिन कार्तिक मास में डाला छठ और चैत्र मास के छठ को अधिक महत्व मिला है। चार दिवसीय व्रत की शुरुआत रविवार को नहाय खाय से हुई थी। इसके बाद सोमवार को व्रतियों ने दिन भर निराजल व्रत रहकर शाम को बखीर बनाया और उसका भोग लगाया। इसके बाद 36 घंटे के निराजल व्रत की शुरूआत की। मंगलवार की सुबह से ही अर्घ्य की तैयारी शुरू हो गई।
शाम को व्रतियों ने पूरे परिवार के साथ नए वस्त्र धारण कर फल, पकवान की दउरी माथे पर लेकर छठ मइया के गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची। यहां कलश स्थापित कर पूजन अर्चन किया और कमर भर पानी में खड़े होकर सूर्यास्त का इंतजार किया। सूर्य जब अस्त होने लगे तो व्रतियों ने अर्घ्य दिया। नगर के मानसनगर स्थित मानसरोवर पोखरा, आरपीएफ कालोनी तालाब, दामोदरदास पोखरा सहित अन्य स्थानों पर व्रतियों ने अर्घ्य दिया। बुधवार की सूबह उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा। वहीं मान सरोवर तालाब पर श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सूर्य मंदिर कमेटी के सदस्यों ने साफ सफाई की। इस दौरान कृष्ण कुमार, सूरज, मोहित, अमित, आकाश, आलोक, जयश्री, अंजनी, नरायन आदि रहे।
आशु, कुंदन आदि रहे।
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आस्था का महापर्व छठ को लेकर लोगों में बड़ी श्रद्धा है। वैसे तो पूरे वर्ष प्रत्येक माह में सूर्य षष्ठी आती है लेकिन कार्तिक मास में डाला छठ और चैत्र मास के छठ को अधिक महत्व मिला है। चार दिवसीय व्रत की शुरुआत रविवार को नहाय खाय से हुई थी। इसके बाद सोमवार को व्रतियों ने दिन भर निराजल व्रत रहकर शाम को बखीर बनाया और उसका भोग लगाया। इसके बाद 36 घंटे के निराजल व्रत की शुरूआत की। मंगलवार की सुबह से ही अर्घ्य की तैयारी शुरू हो गई।
शाम को व्रतियों ने पूरे परिवार के साथ नए वस्त्र धारण कर फल, पकवान की दउरी माथे पर लेकर छठ मइया के गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची। यहां कलश स्थापित कर पूजन अर्चन किया और कमर भर पानी में खड़े होकर सूर्यास्त का इंतजार किया। सूर्य जब अस्त होने लगे तो व्रतियों ने अर्घ्य दिया। नगर के मानसनगर स्थित मानसरोवर पोखरा, आरपीएफ कालोनी तालाब, दामोदरदास पोखरा सहित अन्य स्थानों पर व्रतियों ने अर्घ्य दिया। बुधवार की सूबह उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा। वहीं मान सरोवर तालाब पर श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सूर्य मंदिर कमेटी के सदस्यों ने साफ सफाई की। इस दौरान कृष्ण कुमार, सूरज, मोहित, अमित, आकाश, आलोक, जयश्री, अंजनी, नरायन आदि रहे।
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आशु, कुंदन आदि रहे।