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संघर्ष का किया ऐलान
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Fri, 13 Feb 2015 01:28 AM IST
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चकिया के गांधी पार्क में गुरुवार की दोपहर किसानों की महापंचायत बैठी। इस
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दौरान बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने खेती किसानी से जुड़े मसलों पर
चर्चा की और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्ष का आह्वान किया गया।
महापंचायत में केंद्र के भूमि अधिग्रहण कानून को वापस लेने की भी मांग उठाई गई।
अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन तथा चौबीसहां किसान मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किसान महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र तथा प्रदेश सरकारें किसानों के हितों की अनदेखी कर रही हैं।
जिससे किसान बदहाल हो गया है। इस स्थिति से किसानों को बाहर निकालने के लिए व्यापक एकजुटता की जरूरत है। जिसके लिए किसानों के संगठनों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण है।
महापंचायत में प्रस्ताव पारित कर जिन मसलों पर चर्चा की गई, उनमें समितियों से कर्ज देने, नगद मूल्य पर उर्वरक, बीज व कीटनाशक उपलब्ध कराने, सभी किसानों के धान तथा गेहूं सरकारी दर पर खरीदने, धान का समर्थन मूल्य 1600 तथा गेहूं का समर्थन मूल्य 1900 रुपया करने का मामला रहा।
इसी तरह भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में संशोधन को वापस लेने, सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों के सभी कर्जे तथा विद्युत बिल माफ करने, 16 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर आवाज बुलंद की गई।
इसके अलावा नेवाजगंज पंप कैनाल की ऊंचाई बढ़ाने, अतर सुअवा नाले का पानी भोका बांध में गिराने, बाणसागर परियोजना का पानी चकिया तक लाने जैसी मांगों ंसे संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। अंत में महापंचायत में 13 फरवरी को जिला मुख्यालय पर धरना की घोषणा की गई।
महापंचायत में केंद्र के भूमि अधिग्रहण कानून को वापस लेने की भी मांग उठाई गई।
अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन तथा चौबीसहां किसान मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किसान महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र तथा प्रदेश सरकारें किसानों के हितों की अनदेखी कर रही हैं।
जिससे किसान बदहाल हो गया है। इस स्थिति से किसानों को बाहर निकालने के लिए व्यापक एकजुटता की जरूरत है। जिसके लिए किसानों के संगठनों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण है।
महापंचायत में प्रस्ताव पारित कर जिन मसलों पर चर्चा की गई, उनमें समितियों से कर्ज देने, नगद मूल्य पर उर्वरक, बीज व कीटनाशक उपलब्ध कराने, सभी किसानों के धान तथा गेहूं सरकारी दर पर खरीदने, धान का समर्थन मूल्य 1600 तथा गेहूं का समर्थन मूल्य 1900 रुपया करने का मामला रहा।
इसी तरह भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में संशोधन को वापस लेने, सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों के सभी कर्जे तथा विद्युत बिल माफ करने, 16 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर आवाज बुलंद की गई।
इसके अलावा नेवाजगंज पंप कैनाल की ऊंचाई बढ़ाने, अतर सुअवा नाले का पानी भोका बांध में गिराने, बाणसागर परियोजना का पानी चकिया तक लाने जैसी मांगों ंसे संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। अंत में महापंचायत में 13 फरवरी को जिला मुख्यालय पर धरना की घोषणा की गई।