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आपसी सामंजस्य देश की एकता का अाधार
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jan 2016 01:11 AM IST
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जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की ओर से शनिवार को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में सहभोज का आयोजन मुख्यालय स्थित कैंप कार्यालय पर किया गया। जिसमें वक्ताओं ने आपसी सामंजस्य को देश की एकता का मूलाधार बताया।
बतौर मुख्य अतिथि आरएसएस के प्रदेश प्रचारक अभय ने कहा कि भारत की एकता व अखंडता का मूलाधार ही सामाजिक समरसता एवं आपसी सामन्जस्य रहा है। इसी आधार पर भारत के तीज व त्यौहार एवं राष्ट्रीय पर्व मनाए जाते हैं।
सच तो यह है कि किसी भी राष्ट्र के उत्थान में वहां निवास करने वाली सम्पूर्ण जातियों एवं वर्गों में आपसी सामंजस्य एवं सौहार्द ही आधार है, जो हमारे देश में प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है।
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कार्यक्रम संयोजक साधना सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व हिन्दू धर्म व समाज से जुड़ा है। लेकिन इसका वैज्ञानिक एवं भौगोलिक तात्पर्य भी है।
जहां तक समरसता की बात है तो भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के मूल अव्यवों में एक है। इसके बिना भारतीय संस्कृति एवं समाज अधूरा ही रहेगा। उन्होंने मुख्य अतिथि को चांदी का मुकुट भी पहनाया।
इस अवसर पर सांसद महेंद्रनाथ पांडेय, एमएलसी केदारनाथ, लक्ष्मणाचार्य, सुशील, शिवतपश्या पासवान, सुभाष सोनकर, सर्वेश कुशवाहा, अनिल सिंह, अनिल राजभर, शशिशंकर सिंह,
विद्यासागर गुप्ता, संतोष जायसवाल, राघव सिंह, दिलीप सोनकर, रामदेव साहू, बजरंगी मौर्य, राम सिंह मौर्य, संगीर अंसारी, अब्बास अली आदि उपस्थित रहें।
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बतौर मुख्य अतिथि आरएसएस के प्रदेश प्रचारक अभय ने कहा कि भारत की एकता व अखंडता का मूलाधार ही सामाजिक समरसता एवं आपसी सामन्जस्य रहा है। इसी आधार पर भारत के तीज व त्यौहार एवं राष्ट्रीय पर्व मनाए जाते हैं।
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सच तो यह है कि किसी भी राष्ट्र के उत्थान में वहां निवास करने वाली सम्पूर्ण जातियों एवं वर्गों में आपसी सामंजस्य एवं सौहार्द ही आधार है, जो हमारे देश में प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है।
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कार्यक्रम संयोजक साधना सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व हिन्दू धर्म व समाज से जुड़ा है। लेकिन इसका वैज्ञानिक एवं भौगोलिक तात्पर्य भी है।
जहां तक समरसता की बात है तो भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के मूल अव्यवों में एक है। इसके बिना भारतीय संस्कृति एवं समाज अधूरा ही रहेगा। उन्होंने मुख्य अतिथि को चांदी का मुकुट भी पहनाया।
इस अवसर पर सांसद महेंद्रनाथ पांडेय, एमएलसी केदारनाथ, लक्ष्मणाचार्य, सुशील, शिवतपश्या पासवान, सुभाष सोनकर, सर्वेश कुशवाहा, अनिल सिंह, अनिल राजभर, शशिशंकर सिंह,
विद्यासागर गुप्ता, संतोष जायसवाल, राघव सिंह, दिलीप सोनकर, रामदेव साहू, बजरंगी मौर्य, राम सिंह मौर्य, संगीर अंसारी, अब्बास अली आदि उपस्थित रहें।