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Chandauli News: चंद्रप्रभा नदी के सूखने से धान की नर्सरी पर संकट
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चंद्रप्रभा बांध के सूखने का खामियाजा इस नदी पर आश्रित किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पानी के अभाव में नदी में पंप कैनाल चलाना संभव नहीं है। नेवाजगंज पंप कैनाल पर आधारित पांच हजार हेक्टेयर खेतों में धान की खेती के लिए नर्सरी डालने का भी संकट खड़ा हो गया है। नेवाजगंज पंप कैनाल से नेवाजगंज मुडहुआ, हेतिमपुर, चांदी, दुबेपुर माफी सहित एक दर्जन गांव की सिंचाई होती है। पंप कैनाल के अतिरिक्त नेवाजगंज पूर्वी बैरा, पश्चिमी लिफ्ट कैनाल भी चंद्रभान नदी के पानी पर ही निर्भर है। इन पर आधारित पांच हजार हेक्टेयर खेत की सिंचाई मुश्किल है। धान की खेती के लिए नर्सरी डालने का संकट खड़ा हो गया है। इससे किसान चिंतित हैं। पानी की कमी से नेवाजगंज पंप कैनाल के पंपों के आसपास पानी नहीं है। अब किसान बरसात पर निर्भर होकर रह गए हैं।
चंद्रप्रभा से पिछले दो वर्षों से जारी स्लूज गेट से रिसाव से बांध पूरी तरह सूख गया है। बांध के नीचे स्थित चंद्रप्रभा नदी भी पूरी तरह बे पानी हो गई है। इससे नर्सरी के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया है। क्षेत्रीय किसान अरविंद सिंह, सुदामा यादव, रविंद्रनाथ दुबे, सालिक पाल, प्यारेलाल आदि ने कहा कि नदी में पानी न होने से धान की नर्सरी के लिए पानी मिलना कठिन दिख रही है। इसलिए अब धान की नर्सरी के लिए किसानों को निजी संसाधनों और बरसात पर निर्भर होने की मजबूरी है।
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चंद्रप्रभा से पिछले दो वर्षों से जारी स्लूज गेट से रिसाव से बांध पूरी तरह सूख गया है। बांध के नीचे स्थित चंद्रप्रभा नदी भी पूरी तरह बे पानी हो गई है। इससे नर्सरी के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया है। क्षेत्रीय किसान अरविंद सिंह, सुदामा यादव, रविंद्रनाथ दुबे, सालिक पाल, प्यारेलाल आदि ने कहा कि नदी में पानी न होने से धान की नर्सरी के लिए पानी मिलना कठिन दिख रही है। इसलिए अब धान की नर्सरी के लिए किसानों को निजी संसाधनों और बरसात पर निर्भर होने की मजबूरी है।
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