{"_id":"69026c4694194da151056427","slug":"the-audience-was-moved-by-the-beautiful-story-of-the-flower-garden-chandauli-news-c-189-1-svns1012-138371-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: फुलवारी का मनोहारी प्रसंग सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: फुलवारी का मनोहारी प्रसंग सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर
विज्ञापन
शिकारगंज क्षेत्र के हेतिमपुर स्थित महर्षि याज्ञवल्क्य की तपोभूमि बाबा जागेश्वरनाथ धाम परिसर में बाबा जागेश्वरनाथ सेवा समिति की ओर से नौ दिवसीय संगीतमय श्रीरामकथा आयोजित हुई। इसमें जौनपुर से आए रामेश्वरानंद महाराज ने फुलवारी की कथा सुनाई।
फुलवारी का मनोहारी प्रसंग सुनकर श्रोता भाव विभोर हो उठे। रामेश्वरानंद महाराज ने कहा कि अहिल्या उद्धार के बाद श्रीराम और लक्ष्मण अपने गुरु के साथ जनकपुर पहुंचते हैं। महाराज जनक बड़े ही आदर सत्कार से सम्मान करते हैं।
श्रीराम गुरुवर विश्वामित्र से अनुरोध करते हैं कि हे गुरुवार लक्ष्मण जनकपुर का नगर दर्शन करना चाहते हैं। अगर आपकी अनुमति हो तो मैं लखन लाल को नगर दर्शन करा लाऊं। गुरु की आज्ञा पाकर राम और लक्ष्मण नगर बाजार में जाते हैं।
विज्ञापन
उनके अद्भूत सौंदर्य को देखकर नगर निवासी चकित रह जाते हैं। नगर दर्शन के बाद राम और लक्ष्मण अपने गुरु के पास लौट आते हैं। दूसरे दिन गुरु की आज्ञा से पुष्प लेने के लिए महाराज जनक के पुष्प वाटिका में जाते हैं।
पुष्प तोड़ने के लिए आगे बढ़ते हैं, ठीक उसी समय सीता जी अपनी सहेलियों के साथ पुष्प वाटिका में प्रवेश करती हैं। सीता जी राम को व श्रीराम सीता को देखते हैं।
इस अवसर पर चकिया के भाजपा विधायक कैलाश, आचार्य ब्लॉक प्रमुख शंभूनाथ सिंह यादव, कोतवाल अर्जुन सिंह, त्रिलोकी बिंद, कथा समिति के अध्यक्ष अरविंद सिंह, जयशंकर, राजेश यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
फुलवारी का मनोहारी प्रसंग सुनकर श्रोता भाव विभोर हो उठे। रामेश्वरानंद महाराज ने कहा कि अहिल्या उद्धार के बाद श्रीराम और लक्ष्मण अपने गुरु के साथ जनकपुर पहुंचते हैं। महाराज जनक बड़े ही आदर सत्कार से सम्मान करते हैं।
विज्ञापन
श्रीराम गुरुवर विश्वामित्र से अनुरोध करते हैं कि हे गुरुवार लक्ष्मण जनकपुर का नगर दर्शन करना चाहते हैं। अगर आपकी अनुमति हो तो मैं लखन लाल को नगर दर्शन करा लाऊं। गुरु की आज्ञा पाकर राम और लक्ष्मण नगर बाजार में जाते हैं।
विज्ञापन
उनके अद्भूत सौंदर्य को देखकर नगर निवासी चकित रह जाते हैं। नगर दर्शन के बाद राम और लक्ष्मण अपने गुरु के पास लौट आते हैं। दूसरे दिन गुरु की आज्ञा से पुष्प लेने के लिए महाराज जनक के पुष्प वाटिका में जाते हैं।
पुष्प तोड़ने के लिए आगे बढ़ते हैं, ठीक उसी समय सीता जी अपनी सहेलियों के साथ पुष्प वाटिका में प्रवेश करती हैं। सीता जी राम को व श्रीराम सीता को देखते हैं।
इस अवसर पर चकिया के भाजपा विधायक कैलाश, आचार्य ब्लॉक प्रमुख शंभूनाथ सिंह यादव, कोतवाल अर्जुन सिंह, त्रिलोकी बिंद, कथा समिति के अध्यक्ष अरविंद सिंह, जयशंकर, राजेश यादव आदि मौजूद रहे।