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Chandauli News: कृषि मंत्री ने नंद सदन गोशाला और बायोगैस संयंत्र देखा
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नियामताबाद के एकौनी स्थित डेयरी का निरीक्षण करते कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही। स्रोत:-जागरूक
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को एकौनी गांव स्थित भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता चंद्र प्रकाश सिंह की ओर से संचालित नंदसदन गोशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यहां संचालित गोशाला एवं बायोगैस संयंत्र को देखा।
उन्होंने गोबर आधारित बायोगैस उत्पादन प्रणाली और गांव के लगभग 120 घरों तक की जा रही बायोगैस आपूर्ति व्यवस्था काे देखा। चंद्रप्रकाश ने बताया कि नंद सदन गोशाला में लगभग 200 गोवंशों से प्रतिदिन करीब 3 हजार किलोग्राम गोबर एकत्रित किया जाता है।
इसका उपयोग बायोगैस उत्पादन में किया जा रहा है। ग्रीष्मकाल में प्रतिदिन 80 से 90 घन मीटर तथा शीतकाल में 60 से 70 घन मीटर तक बायोगैस का उत्पादन होता है। उत्पादित गैस को पाइपलाइन के माध्यम से गांव के विभिन्न घरों तक पहुंचाया जा रहा है।
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बताया कि बायोगैस की दर लगभग 20 रुपये प्रति घन मीटर निर्धारित है। मंत्री ने बायोगैस उत्पादन के बाद प्राप्त जैविक खाद के रूप में उपयोग की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि यह मॉडल गोबर प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और जैविक खाद निर्माण के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी साबित हो सकता है। इस दौरान उन्होंने गांव में बृजेश सिंह के आवास पर पहुंचकर बायोगैस आपूर्ति व्यवस्था का
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उन्होंने गोबर आधारित बायोगैस उत्पादन प्रणाली और गांव के लगभग 120 घरों तक की जा रही बायोगैस आपूर्ति व्यवस्था काे देखा। चंद्रप्रकाश ने बताया कि नंद सदन गोशाला में लगभग 200 गोवंशों से प्रतिदिन करीब 3 हजार किलोग्राम गोबर एकत्रित किया जाता है।
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इसका उपयोग बायोगैस उत्पादन में किया जा रहा है। ग्रीष्मकाल में प्रतिदिन 80 से 90 घन मीटर तथा शीतकाल में 60 से 70 घन मीटर तक बायोगैस का उत्पादन होता है। उत्पादित गैस को पाइपलाइन के माध्यम से गांव के विभिन्न घरों तक पहुंचाया जा रहा है।
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बताया कि बायोगैस की दर लगभग 20 रुपये प्रति घन मीटर निर्धारित है। मंत्री ने बायोगैस उत्पादन के बाद प्राप्त जैविक खाद के रूप में उपयोग की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि यह मॉडल गोबर प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और जैविक खाद निर्माण के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी साबित हो सकता है। इस दौरान उन्होंने गांव में बृजेश सिंह के आवास पर पहुंचकर बायोगैस आपूर्ति व्यवस्था का