{"_id":"613665cc8ebc3e7f4c6b5440","slug":"teacher-s-religion-to-spread-the-light-of-knowledge-chandauli-news-vns610125567","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्ञान की रोशनी फैलाना शक्षिक का धर्म-प्रो. हरिकेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्ञान की रोशनी फैलाना शक्षिक का धर्म-प्रो. हरिकेश
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। शिक्षक समाज का एक चिंतनशील व जिम्मेदार व्यक्ति होता है। शिक्षक को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन हर हाल में करना होता है। देश व समाज का विकास उसकी अपनी सोच, ज्ञान व इसके हस्तांतरण के ऊपर निर्भर करता है। ये बातें जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा बिहार के पूर्व कुलपति और शिक्षाविद् प्रो. हरिकेश सिंह ने रविवार को शिक्षक दिवस के मौके पर नई रोशनी सेवा समिति की ओर से नगर के कैलाशपुरी स्थित एक लॉन में आयोजित बेस्ट टीचर अवार्ड समारोह में मुख्य अतिथि रूप में कहीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने प्रयासों से समाज का अंधकार मिटाता है। समाज में ज्ञान की रोशनी फलाना उसका धर्म है। एक शिक्षक की शिक्षण की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह मनोविज्ञान की कितनी जानकारी रखता है। मनोविज्ञान बच्चों के मनोभावों को जानने का सशक्त माध्यम है। एक शिक्षक होने के नाते हम सभी को इस बात को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सम्मान आपको और बेहतर करने की जिम्मेदारी का बोध कराएगा। विशिष्ट अतिथि वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट, वाराणसी की प्राचार्या प्रो. अलका सिंह ने कहा कहा कि एक शिक्षक से समाज को बड़ी अपेक्षाएं होती हैं। इन पर खरा उतरना आवश्यक है। तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देगा। इसके पूर्व प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, अयोध्या, मिर्जापुर, बस्ती आदि जनपदों के 72 शिक्षकों का बेस्ट टीचर एवार्ड दिया गया। शिक्षकों मान-पत्र, प्रतीक चिह्न और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अजय अकेला ने गीत सुनाकर लोगों का मन मोहा। वहीं राजेश सिंह और उनकी टीम ने क्लासिकल डांस प्रस्तुत किया। इस मौके पर पीडीडीयू रेल मंडल के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्र, डॉ. मोहम्मद आरिफ, प्रेम सिंह, डॉ. अजीत, चंद्रभूषण मिश्र, रवि प्रसाद, तलवार सिंह, शाकिर, सुधीर भास्कर राव पांडेय, नेहा सिद्दीकी, शारदचंद्र, अजहरुद्दीन, संजय सिन्हा, लाल बहादुर, अख्तरी बेगम, मनोज पाठक, संदीप चौधरी, निशा सिंह, रीता पांडेय, अनुराधा, डॉ. मनोज त्यागी रहे। संचालन संयोजक सुरेश कुमार अकेला ने और धन्यवाद ज्ञापन संजय शर्मा ने किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने प्रयासों से समाज का अंधकार मिटाता है। समाज में ज्ञान की रोशनी फलाना उसका धर्म है। एक शिक्षक की शिक्षण की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह मनोविज्ञान की कितनी जानकारी रखता है। मनोविज्ञान बच्चों के मनोभावों को जानने का सशक्त माध्यम है। एक शिक्षक होने के नाते हम सभी को इस बात को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सम्मान आपको और बेहतर करने की जिम्मेदारी का बोध कराएगा। विशिष्ट अतिथि वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट, वाराणसी की प्राचार्या प्रो. अलका सिंह ने कहा कहा कि एक शिक्षक से समाज को बड़ी अपेक्षाएं होती हैं। इन पर खरा उतरना आवश्यक है। तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देगा। इसके पूर्व प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, अयोध्या, मिर्जापुर, बस्ती आदि जनपदों के 72 शिक्षकों का बेस्ट टीचर एवार्ड दिया गया। शिक्षकों मान-पत्र, प्रतीक चिह्न और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अजय अकेला ने गीत सुनाकर लोगों का मन मोहा। वहीं राजेश सिंह और उनकी टीम ने क्लासिकल डांस प्रस्तुत किया। इस मौके पर पीडीडीयू रेल मंडल के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्र, डॉ. मोहम्मद आरिफ, प्रेम सिंह, डॉ. अजीत, चंद्रभूषण मिश्र, रवि प्रसाद, तलवार सिंह, शाकिर, सुधीर भास्कर राव पांडेय, नेहा सिद्दीकी, शारदचंद्र, अजहरुद्दीन, संजय सिन्हा, लाल बहादुर, अख्तरी बेगम, मनोज पाठक, संदीप चौधरी, निशा सिंह, रीता पांडेय, अनुराधा, डॉ. मनोज त्यागी रहे। संचालन संयोजक सुरेश कुमार अकेला ने और धन्यवाद ज्ञापन संजय शर्मा ने किया।
विज्ञापन