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शौचालय बनवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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नौगढ़। स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम में ग्राम प्रधान पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत जयमोहनी पोस्ता के राजस्व गांव सेमरिया में बुधवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। चेताया कि निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो वे ब्लॉक मुख्यालय और तहसील परिसर में धरना देने को विवश होंगे।
आरोप लगाया कि डीएम नवनीत सिंह चहल के तमाम प्रयास के बाद भी शौचालय निर्माण कार्य कराने में ग्राम प्रधान रुचि नहीं ले रहे हैं। जांच अधिकारियों और नोडल अधिकारियों द्वारा भी इस दिशा में काफी प्रयास किया गया है लेकिन नतीजा शून्य है। ग्रामीणों को शौचालय का पैसा खाते में नहीं दिया गया बल्कि सेक्रेटरी और ग्राम प्रधानों ने अपने ठेकेदार भेजकर आधे-अधूरे शौचालय का निर्माण कराया दिया है। बताया कि एक वर्ष से कहीं ईंट गिरा दी गई है तो किसी को आधा-अधूरा बनाकर छोड़ दिया गया है। बस्ती के कुछ लाभार्थियों को खाते में पहली किश्त दे दी गई है। वे लोग ईंट गिराकर दूसरी किश्त का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी किश्त पाने के लिए लाभार्थी ब्लॉक कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान व पंचायत सेक्रेट्री से भी फरियाद की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। आरोप लगाया कि मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर घने जंगलों में बसे राजस्व गांव होने के कारण बीडीओ, एडीओ पंचायत और पंचायत सेक्रेट्री कभी गांव नहीं पहुंचे। चेतावनी दी कि शौचालय का निर्माण पूर्ण नहीं कराया गया तो वे विकासखंड और तहसील पर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में हरिशंकर, रामकेश, मुन्नी, रामपति, शिवमूरत, पप्पू, लोकू, झूरी, जोखू, दूधनाथ, दुखहरण, कल्लू, राममूरत आदि शामिल थे।
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आरोप लगाया कि डीएम नवनीत सिंह चहल के तमाम प्रयास के बाद भी शौचालय निर्माण कार्य कराने में ग्राम प्रधान रुचि नहीं ले रहे हैं। जांच अधिकारियों और नोडल अधिकारियों द्वारा भी इस दिशा में काफी प्रयास किया गया है लेकिन नतीजा शून्य है। ग्रामीणों को शौचालय का पैसा खाते में नहीं दिया गया बल्कि सेक्रेटरी और ग्राम प्रधानों ने अपने ठेकेदार भेजकर आधे-अधूरे शौचालय का निर्माण कराया दिया है। बताया कि एक वर्ष से कहीं ईंट गिरा दी गई है तो किसी को आधा-अधूरा बनाकर छोड़ दिया गया है। बस्ती के कुछ लाभार्थियों को खाते में पहली किश्त दे दी गई है। वे लोग ईंट गिराकर दूसरी किश्त का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी किश्त पाने के लिए लाभार्थी ब्लॉक कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान व पंचायत सेक्रेट्री से भी फरियाद की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। आरोप लगाया कि मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर घने जंगलों में बसे राजस्व गांव होने के कारण बीडीओ, एडीओ पंचायत और पंचायत सेक्रेट्री कभी गांव नहीं पहुंचे। चेतावनी दी कि शौचालय का निर्माण पूर्ण नहीं कराया गया तो वे विकासखंड और तहसील पर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में हरिशंकर, रामकेश, मुन्नी, रामपति, शिवमूरत, पप्पू, लोकू, झूरी, जोखू, दूधनाथ, दुखहरण, कल्लू, राममूरत आदि शामिल थे।
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